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फिर शुरू होगी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट, दिल्ली HC ने दिया आदेश

डीजीसीए की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट में एक अर्जी लगाई गई थी जिसमें कहा गया था कि अब अनलॉक- 4 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की संख्या बढ़ेगी. ऐसे में इन अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के मानकों को पूरा करने के लिए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट करना अनिवार्य है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में किया संशोधन (फाइल फोटो) दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में किया संशोधन (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मार्च में कोरोना की वजह से ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पर लगी थी रोक
  • रोक को दिल्ली HC ने हटाया, अब होगी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की जांच
  • डीजीसीए की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट में एक अर्जी लगाई गई थी

दिल्ली हाई कोर्ट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर स्टाफ के लिए कोरोना के मद्देनजर मार्च में ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पर लगाई गई रोक को हटा लिया है. डीजीसीए की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट में एक अर्जी लगाई गई थी जिसमें कहा गया था कि अब अनलॉक- 4 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की संख्या बढ़ेगी. ऐसे में इन अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के मानकों को पूरा करने के लिए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट करना अनिवार्य है. लिहाजा एटीसी स्टाफ के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पर लगी रोक को हटाया जाए.

डीजीसीए ने हाई कोर्ट में हुई सुनवाई में कोर्ट को कहा कि एयरक्राफ्ट और यात्रियों की सुरक्षा के लिए इस टेस्ट का किया जाना बेहद जरूरी है. डीजीसीए के तर्क को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मार्च में दिए गए अपने आदेश को संशोधित करते हुए टेस्ट पर लगी रोक को हटा लिया है.

डीजीसीए ने बताया कि यह टेस्ट ब्रेथ एनालाइजर ट्यूब के जरिए किया जाएगा और वो ट्यूब इस्तेमाल होने के बाद 12 घंटे तक दोबारा इस्तेमाल नहीं होगी. ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने का मकसद यह जानना होता है कि एटीसी स्टाफ ने अल्कोहल का सेवन तो नहीं किया है.

बता दें कि मार्च में जब भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत हुई थी और देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था उस वक्त एयर ट्रैफिक कंट्रोलर गिल्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाकर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट को बंद करने की मांग की थी. एयर ट्रैफिक कंट्रोलर गिल्ट की तरफ से कहा गया था कि ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट के माध्यम से कोविड-19 का संक्रमण बढ़ेगा.

याचिकाकर्ताओं की दलील को सुनने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 मार्च को एटीसी के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पर रोक लगा दी थी. लेकिन आज के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब डीजीसीए के लिए एटीसी के स्टाफ का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराना दोबारा से संभव हो पाएगा.

डीजीसीए की तरफ से पेश हुई वकील अंजना गोसाईं ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना से पहले जैसे ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट रेंडम 10 फीसदी स्टाफ का किया जाता था, वैसे ही अब किया जाएगा. यही प्रक्रिया फ्लाइट के पायलट के लिए भी लागू रहेगी. लॉकडाउन के बाद से डीजीसीए ने कोरोना के संक्रमण से पायलटों को बचाने के लिए उनका भी ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट करना बंद कर दिया था.

 

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