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दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD से पूछा, सफाई कर्मचारियों को कितने पीपीई किट मुहैया कराए

हाईकोर्ट की नाराजगी इस बात पर थी कि केंद्र सरकार, तीनों एमसीडी और दिल्ली सरकार ने कोर्ट में जो अपना जवाब दाखिल किया था वह तीनों एक दूसरे से अलग था. जिसके चलते यह साफ ही नहीं हो पा रहा था कि सफाई कर्मचारियों तक क्या-क्या चीजें पहुंचाई गई हैं.

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दिल्ली में दवा छिड़काव करता सफाई कर्मचारी (फोटो- पीटीआई)
दिल्ली में दवा छिड़काव करता सफाई कर्मचारी (फोटो- पीटीआई)

  • सफाई कर्मचारियों से जुड़ी याचिका पर MCD को फटकार
  • केंद्र, दिल्ली सरकार और MCD के आंकड़े रहे अलग-अलग

दिल्ली में सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट और सुरक्षा से जुड़े बाकी उपकरण देने से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी एमसीडी को फटकार लगाई है.कोर्ट ने कहा कि हमें तीनों एमसीडी, एनडीएमसी, कैंटोनमेंट बोर्ड साफ-साफ यह बताएं कि कितनी पीपीई किट, कितने मास्क ग्लब्स,और बाकी जरूरी चीजें कब-कब सफाई कर्मचारियों को दिए गए हैं. साथ ही कितने किस किस तारीख में सफाई कर्मचारियों में बाटे गए.

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दरअसल, कोर्ट की नाराजगी इस बात पर थी कि केंद्र सरकार, तीनों एमसीडी और दिल्ली सरकार ने कोर्ट में जो अपना जवाब दाखिल किया था वह तीनों एक दूसरे से अलग था. जिसके चलते यह साफ ही नहीं हो पा रहा था कि सफाई कर्मचारियों तक क्या-क्या चीजें पहुंचाई गई हैं. बता दें कि कोरोना के खिलाफ जंग में अहम रोल निभा रहे सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रक्षात्मक उपकरण अहम हैं.

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अब दिल्ली हाईकोर्ट 9 जून को इस मामले में सुनवाई करेगा और तीनों एमसीडी को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करके बताना होगा कि सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट, गलव्स, मास्क और बाकी सुरक्षा कवच से जुड़ी जरूरी उपकरण कब और किस तारीख में दिए गए हैं.

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हाईकोर्ट ने तीनों एमसीडी से यह भी पूछा है कि वह बताएं कि बायो मेडिकल वेस्ट का फिलहाल निस्तारण कैसे किया जा रहा है? हाईकोर्ट इस बात को लेकर गंभीर था कि करोना के मद्देनजर बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर एमसीडी की कार्यशैली क्या है. कोर्ट ने तीनों एमसीडी को अगली सुनवाई में यह भी बताने को कहा है कि सफाई कर्मचारियों के लिए डी सैनिटाइजेशन जोन कहां-कहां बनाए गए हैं. हाईकोर्ट ने कहा है कि तीनों एमसीडी ये भी बताए कि अपने-अपने इलाकों में कितने कंटेनमेंट जोन हैं.

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दिल्ली हाईकोर्ट सफर सफाई कर्मचारियों की यूनियन की तरफ से दाखिल की गई उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एमसीडी की तरफ से कोरोना से बचाव के लिए सफाई कवच उपलब्ध नहीं कराए गए. याचिका में कहा गया था कि सफाई कर्मचारियों को लेकर डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस का पालन नहीं किया जा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट तक में केंद्र सरकार हलफनामा दे चुकी है कि सफाई कर्मचारियों को सुरक्षित रखने के लिए तमाम सामान मुहैया कराए गया है.

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