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लॉकडाउन: दिल्ली HC का फैसला, सभी अदालतों में 31 मई तक नहीं होगा कामकाज

24 मार्च से हुए लॉकडाउन के बाद दिल्ली के हाई कोर्ट और जिला अदालतों में 19 मई तक कुल 20726 आवश्यक मामलों में सुनवाई हो चुकी है. 20,000 से ऊपर इन सभी आवश्यक और अति आवश्यक मामलों में सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही हुई है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया निर्देश दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया निर्देश

  • 31 मई तक बंद रहेगा कामकाज
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने किया फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी अधीनस्थ न्यायालयों और जिला अदालतों को 31 मई तक कामकाज बंद रखने का निर्देश दिया है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला किया था कि सभी पीठ शुक्रवार से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कामकाज शुरू करेगी.

24 मार्च से हुए लॉकडाउन के बाद दिल्ली के हाई कोर्ट और जिला अदालतों में 19 मई तक कुल 20726 आवश्यक मामलों में सुनवाई हो चुकी है. 20,000 से ऊपर इन सभी आवश्यक और अति आवश्यक मामलों में सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही हुई है. ज्यादातर मामले वो थे, जिनमें या तो कोविड-19 के चलते लोगों की परेशानियों को लेकर याचिका लगाई गई थी या फिर ये जमानत से जुड़े हुए मामले थे. सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिकाएं 20,726 मामलों से अलग हैं.

लॉकडाउन से पहले दिल्ली की सभी जिला अदालतों में एक महीने में तकरीबन एक लाख मामलों की सुनवाई होती थी. दिल्ली हाई कोर्ट में भी तकरीबन बीस से पच्चीस हजार मामलों की सुनवाई एक महीने के दौरान होती थी. लेकिन लॉकडाउन के दौरान औसतन 2 महीने में तकरीबन 20,000 मामलों की सुनवाई ही कोर्ट में हो पाई है.

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यानी लॉकडाउन में 10 फीसदी से भी कम मामलों में सुनवाई हो पाई है.

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