बिजली संकट पर दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन सभी बिजली कंपनियों के साथ बैठक कर रहे हैं. राजधानी दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली तीनों बिजली कंपनियों BSES राजधानी, बीएसईएस यमुना और TPDDL के अधिकारी मौजूद हैं.
बैठक में इस बात पर चर्चा हो रही है कि कोयले की कमी से उत्पन्न हुआ बिजली संकट कितना बड़ा है और इसे कैसे टाला जा सकता है. इधर, कोयले की किल्लत को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है.
Delhi could face a power crisis. I am personally keeping a close watch over the situation. We are trying our best to avoid it. In the meanwhile, I wrote a letter to Hon’ble PM seeking his personal intervention.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
उन्होंने थर्मल पावर प्लांट में कोयले की किल्लत और कोयले की मौजूदा स्टॉक की जानकारी दी. साथ ही कहा कि इन हालात में गैस आधारित पावर प्लांट पर निर्भरता बढ़ती है, लेकिन इतनी गैस नहीं है कि वह पावर प्लांट अपनी पूरी क्षमता पर चल सकें.
ऐसे में सीएम केजरीवाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मामले में दखल देने की गुजारिश की और तीनें मांग रखीं. 1- दूसरे पावर प्लांट से कोयला दादरी और झज्जर पावर प्लांट भेजा जाए. 2- दिल्ली के गैस आधारित पावर प्लांट को पर्याप्त गैस दी जाए. 3- इलेक्ट्रिसिटी एक्सचेंज में मुनाफाखोरी ना हो इसके लिए प्रति यूनिट बिजली बेचने का अधिकतम रेट तय किया जाए.