दिल्ली पुलिस ने सोमवार को विशेष अदालत में दिल्ली गैंगरेप के एक आरोपी की जमानत का विरोध किया. पुलिस को डर है कि यदि उसे छोड़ा गया तो वह फरार हो सकता है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ भी कर सकता है.
इससे पहले सोमवार को ही मामले की कार्यवाही में एक घंटे का विलंब हुआ, क्योंकि सह आरोपी एवं मृत आरोपी रामसिंह के भाई मुकेश को सीने में दर्द होने के बाद सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया. बाद में वह फिर अदालत में पेश हुआ, क्योंकि डाक्टरों ने उसे गैस्ट्रिक समस्या होने की बात कहते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी.
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विशेष लोक अभियोजक डी. कृष्णन ने जमानत अनुरोध का विरोध करते हुए अदालत से कहा कि उसे अध्ययन करने के लिए जमानत नहीं दी जा सकती, क्योंकि जेल में उसके पास पढ़ने के लिए पर्याप्त समय है. वह फरार हो सकता है और मामले के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है.
जेल में भी पढ़ सकता है आरोपी
कृष्णन ने कहा, ‘आरोपी (विनय) बीए का छात्र है और उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इस संदर्भ में यह कहना है कि विनय के पास न्यायिक हिरासत में पढ़ने के लिए पर्याप्त समय है.’
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उन्होंने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना से कहा, ‘उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर, विनय की जमानत याचिका का कड़ाई से विरोध किया जाता है, क्योंकि अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों से अभी तक सवाल जवाब नहीं हुए हैं तथा यदि जमानत प्रदान की जाती है तो वह फरार हो सकता है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है.'