दिवाली का त्योहार देशभर में 14 नवंबर को मनाया गया. दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए पटाखे जलाने पर प्रतिबंध है. इसके बावजूद दिल्ली में लोगों ने जमकर आतिशबाजी की. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिल्ली में फायर ब्रिगेड को आग लगने से संबंधित 205 फोन कॉल्स मिली थीं.
फायर ब्रिगेड की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक आग लगने की इन 205 फोन कॉल्स में से 129 शाम 6 बजे से आधी रात यानी रात के 12 बजे के बीच मिलीं. दिल्ली के कई इलाकों में हुई आग लगने की घटनाओं में व्यापक क्षति होने की भी खबरें हैं. दिल्ली के मुंडका इलाके में भी आग लगने की एक घटना हुई है.
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बताया जाता है कि मुंडका इलाके में स्थित एक गोदाम में आग लग गई. इस घटना में गोदाम में रखा सामान जलकर राख हो गया, वहीं एक शख्स की भी मौत हो गई. गौरतलब है कि इस बार की दिवाली में पिछले साल की तुलना में आग लगने की कम घटनाएं सामने आई हैं. 2019 में इस साल की तुलना में आग लगने की अधिक घटनाएं हुई थीं.
दिल्ली फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक पिछले साल दिवाली के दिन राजधानी में आग लगने की 245 फोन कॉल्स मिली थीं. बता दें कि कोरोना वायरस की महामारी और प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह प्रतिबंध 30 नवंबर तक लागू है.
दिल्ली पुलिस ने पटाखे बेचने और जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन लोगों में इसका कोई डर नहीं नजर आया. दिवाली के बाद प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 999 पर पहुंच गया है. दिल्ली ही नहीं, पूरे एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है.