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दिल्ली दंगे: गवाहों के सीडीआर सुरक्षित करने की मांग वाली याचिका अदालत ने की खारिज

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े षड्यंत्र के मामले में जेएनयू की छात्रा और ‘पिंजड़ा तोड़’ मुहिम की सदस्य नताशा नरवाल की याचिका को दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दिया है.

दिल्ली दंगे (फाइल फोटो) दिल्ली दंगे (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गवाहों के सीडीआर सुरक्षित करने की मांग
  • नताशा नरवाल की याचिका दिल्ली कोर्ट ने की खारिज
  • अदालत ने दिया गोपनियता का हवाला

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े षड्यंत्र के मामले में जेएनयू की छात्रा और ‘पिंजड़ा तोड़’ मुहिम की सदस्य नताशा नरवाल की याचिका को दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दिया है. दरअसल, नरवाल ने अपनी याचिका में गवाहों के मोबाइल नंबरों, कस्टमर एप्लिकेशन फॉर्म, पुलिस अधिकारियों समेत कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को सुरक्षित करने के लिए आदेश देने की मांग की थी.

मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि नरवाल मामले को भटकाना चाहती है. अदालत ने कहा कि इसमें गोपनीयता का भी मुद्दा है. इसलिए ऐसा नहीं किया जा सकता है.

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साथ ही अदालत ने कहा कि इस तरह की याचिका पर विचार करते समय यह भी ध्यान देना होता है कि पुलिस अधिकारियों और उनके मुखबिरों की सुरक्षा को कोई नुकसान ना हो. जिसमें पुलिस अधिकारियों समेत सभी 26 गवाहों के ‘कॉल डिटेल रिकार्ड’ को सुरक्षित का आग्रह किया गया है.

वकील अदित एस पुजारी के जरिए दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि गवाहों के बयानों में संकेत दिया गया है कि वह प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं थे. इतना ही नहीं आरोप लगाया गया है कि बयान दर्ज करने की असल तारीख के काफी पहले गवाहों को कई बार स्पेशल सेल थाने में बुलाया गया था.

 

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