दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप राज्यपाल अनिल बैजल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अपनी तीन मांगों को मनवाने के लिए केजरीवाल एलजी के दफ्तर पर ही धरने पर बैठ गए हैं. केजरीवाल के साथ उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और गोपाल राय भी धरने पर बैठे हैं. इनका धरना आधी रात को भी जारी है.
आम आदमी पार्टी के नेता नागेंद्र शर्मा ने ट्वीट करके बताया कि आम आदमी पार्टी के चारों शीर्ष नेता एलजी आवास पर ही हैं.
Latest visual of Delhi CM , Deputy CM & ministers , in the waiting room of LG's Raj Niwas. They are there since 5:30 PM...
— Nagendar Sharma (@sharmanagendar)
इनके अलावा दिल्ली सरकार की सलाहकार आतिशी मर्लेना भी इस धरने में मौजूद रहीं. वह रात करीब 11 बजे एलजी आवास के बाहर सड़क पर बैठकर खाना खाते हुई देखी गईं. उनकी फोटो भी नागेंद्र शर्मा ने ट्वीट की.
Road side Iftar party outside LG house 10:48 PM
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk)
दिल्ली सरकार के दूसरे मंत्री और विधायक अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ एलजी आवास के बाहर धरने पर हैं. इनकी मांग है कि एलजी आईएएस एसोसिएशन की हड़ताल खत्म करने का आदेश जारी करें.
Along with Senior AAP leaders, other MLAs, volunteers, and general public sitting on the pavement outside LG house, eagerly waiting for LG to order Delhi's IAS officers to break their 4-month long strike and serve general public.
— Sanjeev Jha (@Sanjeev_aap)
केजरीवाल अपनी तीन मांगें मनवाने के लिए आज उप राज्यपाल अनिल बैजल से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे थे. केजरीवाल का कहना है कि एलजी ने उनकी तीनों मांगों को ठुकरा दिया.
केजरीवाल ने उप-राज्यपाल से मांग की थी कि दिल्ली में हड़ताल पर गए आईएएस अधिकारियों को काम पर लौटने का निर्देश दिया जाए और राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की योजना को मंजूरी मिले.
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने किसी भी बात को मानने से इंकार कर दिया है. उसके विरोध में उप-राज्यपाल के दफ्तर पर ही केजरीवाल धरने पर बैठ गए. ने कहा कि जब तक उपराज्यपाल मांगें नहीं मानेंगे, यहां से नहीं जाऊंगा.
धरने पर बैठे हुए केजरीवाल ने ट्वीट कर पूछा है कि क्या घर घर राशन डिलीवरी की योजना लागू नही होना चाहिए? क्या यह लोगों की मदद नहीं करेगा? क्या यह भ्रष्टाचार को दूर नहीं करेगा? हम पिछले कई महीनों से एलजी से आग्रह कर रहे हैं लेकिन एलजी ने इनकार कर दिया.
इसके अलावा केजरीवाल ने अफसरों की मनमानी पर भी सवाल खड़े किये हैं। केजरीवाल ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में, यह पहली बार है कि आईएएस अधिकारी चार महीने तक हड़ताल पर हैं. क्यों?
केजरीवाल ने एलजी अनिल बैजल को मंत्री मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और सत्येंद्र जैन के हस्ताक्षर वाला पत्र भी दिया है. केजरीवाल ने कहा कि एलजी ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. एलजी का संवैधानिक दायित्व है कि वो एक्शन लें. हमारे पास कोई चारा नहीं है, हमने विनम्रतापूर्वक एलजी को बताया है कि हम तब तक नहीं जाएंगे जब तक वह सभी मांगों को मान नहीं लेते हैं.
इधर, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमारी एलजी साहब से 3 विनती हैं. पहली, IAS अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल तुरंत खत्म कराएं, क्योंकि सर्विस विभाग के मुखिया आप हैं. दूसरी, काम रोकने वाले IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें और तीसरी, राशन की डोर-स्टेप-डिलीवरी की योजना को मंजूर करें.
इससे पहले आज दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर बुलाए गए विधानसभा की विशेष सत्र में केजरीवाल ने कहा कि अगर 2019 से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो वह बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे और दिल्ली की जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे.
ने कहा कि मैं बीजेपी को बताना चाहता हूं, अगर 2019 चुनाव से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो यकीन दिलाता हूं कि दिल्ली का हर वोट तुम्हारे पक्ष में जाएगा, मैं तुम्हारे लिए प्रचार करूंगा'. अगर तुम ऐसा नहीं करते तो दिल्ली वासी अपने-अपने घर के बाहर 'बीजेपी दिल्ली छोड़ो' का बोर्ड लगाएंगे.