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केजरीवाल ने पावर कट पर बिजली कंपनियों को दी धमकी, शीला बोलीं- CM को शोभा नहीं देती ऐसी भाषा

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बिजली कंपनियों को ठेठ अंदाज में चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि हम बिजली कंपनियों को डंडा दिखा रहे हैं, आप चिंता न करो. डंडे में कोई कमी नहीं है और न ही डंडे के साइज में. उनकी भाषा और अंदाज को लेकर बयान पर सवाल उठ सकते हैं.

केजरीवाल ने बिजली कंपनियों को ठेठ अंदाज में हड़काया केजरीवाल ने बिजली कंपनियों को ठेठ अंदाज में हड़काया

दिल्ली में पावर कट के मसले पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने बिजली कंपनियों को ठेठ अंदाज में धमकी दी है.उन्होंने जनता से कहा कि वह चि‍ंता न करे, सरकार बिजली कंपनियों को न डंडे में कमी हो रही है और न ही डंडे की साइज में.जबकि पूर्व सीएम शीला दीक्षि‍त ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी भाषा एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देती.

शनिवार को बिजली की समस्या पर जनता से मुख‍ातिब केजरीवाल ने कहा, 'आप चि‍ंता न करें, हम बिजली की कंपनियों को डंडा करने में कोई कमी नहीं कर रहे हैं. न डंडे में कमी है और न डंडे की साइज में.' हालांकि उनके इस बयान और इसमें इस्तेमाल भाषा विवादास्पद भी मानी जा रही है.

डंडे से बिजली नहीं आती: शीला
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षि‍त ने कहा कि केजरीवाल बिजली कंपनियों के लिए जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे है, ऐसी भाषा एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देती. शीला ने आगे कहा कि डंडे के जोर पर बिजली नहीं आती. पहले तो यही कंपनियां बिजली देती थीं.

पावर कट पर होगी हाईलेवल मीटिंग
इससे पहले केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री ने भी समीक्षा बैठक की थी. हम हर एक शिकायत पर नजर रख रहे हैं. दिल्ली में विकास हो रहा है. हम पैसे बचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीएसईएस के इलाकों में पॉवर कट ज्यादा हो रहा है. इससे मिपटने के लिए हमने मंगलवार एक एक मीटिंग बुलाई है.

डीईआरसी को दिल्ली सरकार का नोटिस
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने डीईआरसी को नोटिस दिया है. सरकार ने उन्हें कहा है कि दो घंटे के अंदर बिजली ठीक किया जाए, वर्ना मुआवजा देना होगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को भीषण गर्मी की वजह से बिजली अधिक चाहिए.

सीएम अरविंद केजरीवाल के बयान के प्रमुख अंश -

- हमने DERC को पॉलिसी डायरेक्शन दिए हैं जो कानून के तहत दिल्ली सरकार को पॉवर है.

- किसी भी इलाके में अघोषित बिजली कटौती होती है, आंधी आ जाती है तो अलग बात है, लेकिन अघोषित बिजली कटौती को दो घंटे में ठीक करना होगा. वर्ना वहां के लोगों को मुआवजा देना होगा.

- DERC से बात की है ये पॉलिसी जल्द ही लागू होने वाली है ताकि इनकी जवाबदेही तय हो सके.

- 15 साल पहले दिल्ली में निजीकरण क्यों किया था. क्योंकि दिल्ली में बिजली व्यवस्था सुधरे, न कि हर साल बिजली के दाम बढ़े.

- हमने सरकार आने के बाद दिल्ली के अंदर बिजली के रेट बढ़ने नहीं दिए.

- जवाबदेही तय करने की जरूरत है, ये लोग कह देते हैं कि लोकल फॉल्ट हो गया. इंजीनियरिंग में तय हो कि फॉल्ट क्या हो रहा है?

- मैं आजकल रात-रात भर लोगों की शिकायत के फोन उठा रहा हूं.

- डंडा दिखा रहे हैं हम, चिंता मत करो. डंडे की कमी नहीं है, न डंडे की साइज की कमी है अब...

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