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दिल्ली: चांदनी चौक में रातोरात फिर बन गया हनुमान मंदिर, तोड़े जाने को लेकर हुआ था जमकर बवाल

दिल्ली के चांदनी चौक में जिस हनुमान मंदिर को तोड़े जाने को लेकर राजनीतिक घमासान मचा था. अब वहां पर हनुमान मंदिर फिर से बन गया है. जिसके बाद एक बार फिर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर चला है.

दिल्ली के चांदनी चौक में फिर बन गया हनुमान मंदिर दिल्ली के चांदनी चौक में फिर बन गया हनुमान मंदिर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चांदनी चौक में फिर बनाया गया हनुमान मंदिर
  • सौंदर्यीकरण के लिए जनवरी में तोड़ा गया था
  • मंदिर किसने बनाया अभी ये पुख्ता जानकारी नहीं

देश की राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक में जिस हनुमान मंदिर के तोड़े जाने पर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में तलवारें खिंच गई थी. अब उसी जगह पर हनुमान मंदिर रातो-रात फिर से बना दिया गया है. शुक्रवार की सुबह जब चांदनी चौक के उसी स्थान पर हनुमान मंदिर दिखा, तो लोगों को हैरानी हुई और अब यहां इस मंदिर को देखने वालों का तांता लग गया है.

चांदनी चौक में अब जो नया हनुमान मंदिर बनाया गया है, वो लोहे-स्टील से बना है. साथ ही इसे बीच सड़क से हटाकर साइड में बनाया गया है.

दरअसल, इसी साल जनवरी के शुरुआती हफ्ते में यहां स्थित हनुमान मंदिर को तोड़ा गया था. चांदनी चौक में सुंदरीकरण का काम चल रहा है, उसी के तहत मंदिर को यहां से हटाया गया था. हालांकि, तब स्थानीय उत्तर दिल्ली नगर निगम ने कहा था कि मंदिर को तोड़ा नहीं गया है, बल्कि सिर्फ शिफ्ट कर दिया गया है. 

रातोरात किसने बनाया हनुमान मंदिर?
चांदनी चौक जैसे इलाके में ये मंदिर रातोरात कैसे तैयार हो गया है ये अभी भी एक सवाल है. क्योंकि वहां मौजूद लोगों से जब ये सवाल पूछा गया तो हर कोई कह रहा है कि लोकल लोगों ने ही इस मंदिर को मिलकर बनवाया है. वहीं, भाजपा नेता मनोज तिवारी का भी कहना है कि जिस मंदिर को तुड़वाया गया है उसे आम लोगों ने चंदे से इकट्ठा करके बनाया है. दूसरी ओर दिल्ली पुलिस के पास भी मंदिर बनने की पुख्ता जानकारी नहीं है.
 


आपको बता दें कि दिल्ली सरकार द्वारा चांदनी चौक का सुंदरीकरण कराया जा रहा है, इसी के तहत यहां मेन रोड पर मौजूद मंदिर को लेकर विवाद हुआ था जिसके कारण निर्माण में दिक्कत आ रही थी. हालांकि, जब मंदिर हटा तो कांग्रेस-भाजपा और आप ने एक दूसरे पर आरोप लगाने का काम किया.

हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
ये पूरा मामला काफी पुराना है, दिल्ली हाईकोर्ट ने 2015 में गैर-कानूनी रूप से बने धार्मिक स्थलों को हटाने की बात कही थी. इस के बाद साल 2020 में भी इसी आदेश को दोहराया गया था, जिसके बाद चांदनी चौक स्थित करीब पचास साल पुराने मंदिर को तोड़ दिया गया था. इस मामले में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लगाई गई थी, लेकिन अदालत ने इस मामले को सुनने से इनकार कर दिया था और मामले को आगे ना बढ़ाने की बात कही थी.

फिर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी
दिल्ली बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी ने भी अब इस मंदिर बनने को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमने सौंदर्यीकरण का विरोध नहीं किया था, बल्कि हम मंदिर को दोबारा स्थापित करवाने की बात कर रहे थे. अब लोगों ने इसे दोबारा बनवा लिया है, जो केजरीवाल सरकार के मुंह पर तमाचा है. मनोज तिवारी ने कहा कि मैं इस मंदिर के दर्शन करने जाउंगा, दिल्ली सीएम केजरीवाल को भी दर्शन करने चाहिए और प्रायश्चित करना चाहिए.

इस मामले में आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि ये मंदिर स्थानीय लोगों ने बनवाया है, जो टेक्निकल बातें हैं वो अदालत में देखी जाएंगी. दुर्गेश पाठक ने कहा कि प्रभु राम और हनुमान सभी के हैं, वो भी कल जाकर मंदिर में पूजा करेंगे.

आपको बता दें कि जनवरी में जब मंदिर तोड़े जाने का मसला उठा था तब कांग्रेस पार्टी की ओर से लगातार यहां प्रदर्शन किया गया था. कांग्रेस ने इसका आरोप बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों पर ही लगाया था. गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार है, तो वहीं नगर निगमों की कमान भाजपा के हाथ में है.

 

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