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दिल्ली: साल भर चला काम, लेकिन 60 मीटर ऊंचा कूड़े का पहाड़ 15 मीटर ही घटा

दिल्ली के भलस्वा में लोग कूड़े की असहनीय बदबू से अक्सर परेशान रहते हैं. कूड़े से पत्थर, शीशे और पॉलिथीन को अलग करने के लिए कूड़े की छंटाई करने वाली मशीनें भी लगाई गई हैं. एक दिन में करीब 400 मीट्रिक टन कूड़े की छंटाई भी की जाती है, लेकिन आसपास रहने वालों को इससे खासी दिक्कत हो रही है.

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दिल्ली के भलस्वा इलाके में कूड़े के पहाड़ को कम करने की कोशिश जारी (फाइल फोटो-पीटीआई)
दिल्ली के भलस्वा इलाके में कूड़े के पहाड़ को कम करने की कोशिश जारी (फाइल फोटो-पीटीआई)

  • भलस्वा के लैंडफिल साइट पर 88 लाख मीट्रिक टन कूड़ा
  • कूड़े के पहाड़ को खत्म करने की डेडलाइन अक्टूबर 2020
  • जमीन के अंदर 12 मीटर गहराई में भी है कूड़े का ढेर
राजधानी दिल्ली भलस्वा इलाके में सालभर से कूड़े के पहाड़ को कम करने के लिए कूड़े की छंटाई करने वाली मशीनें काम पर लगी हुई हैं. पता लगा है कि सालभर से काम होने के दौरान इस लैंडफिल साइट का 60 मीटर ऊंचा कूड़े का पहाड़ महज 15 मीटर ही छोटा हुआ है.

नॉर्थ एमसीडी के मेयर जय प्रकाश उर्फ जेपी ने इस बात की पुष्टि कर की है. पहाड़ को खत्म कर बॉयो डायवर्सिटी पार्क बनाने की बात एमसीडी लंबे समय से करती आ रही है.

आपको बता दें कि पूरे शहर का कचरा बीते 25 सालों से यहां डंप हो रहा था जो करीब 88 लाख मीट्रिक टन के करीब है. पहाड़ को खत्म करने की डेडलाइन 2020 अक्टूबर है.

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दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट इलाके के भलस्वा में लोग कूड़े की असहनीय बदबू से अक्सर परेशान रहते हैं. कूड़े से पत्थर, शीशे और पॉलिथीन को अलग करने के लिए कूड़े की छंटाई करने वाली मशीनें भी लगी हैं. प्रोजेक्ट इंजीनियर के मुताबिक मशीन से एक दिन में करीब 400 मीट्रिक टन कूड़े की छंटाई की जाती है.

जमीन से 12 मीटर गहराई तक है कूड़ा

भलस्वा लैंडफिल साइट पर बढ़ते कूड़े का ढेर काफी ऊंचा है. जबकि जमीन के अंदर 12 मीटर गहराई में भी कूड़े का ढेर है. यह लैंडफिल साइट 70 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है, इसकी ऊंचाई 60 मीटर तक पहुंच चुकी थी.

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सुरक्षा के लिहाज़ से लैंडफिल साइट को कंटीली तारों से अवैध प्रवेश को रोकने का इंतजाम किया गया है. सीसीटीवी कैमरे के जरिए इस क्षेत्र की निगरानी भी होती है. भलस्वा लैंडफिल साइट के लिए अग्निविभाग द्वारा 4 फायर टेंडर भी दिए गए हैं. जो सूचना मिलते ही उपलब्ध करवा दिए जाते हैं.

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