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NDMC अफसर की हत्या के अगले दिन, LG दफ्तर से की गई थी उनके खि‍लाफ कार्रवाई की मांग

दिल्ली के होटल मालिक रमेश कक्कड़ से रिश्वत लेने से इनकार करने वाले एनडीएमसी अफसर एमएम खान की हत्या के एक दिन बाद, उपराज्यपाल नजीब जंग के दफ्तर से कक्कड़ की खान के खिलाफ याचिका एनडीएमसी भेजी गई थी. जिसमें कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई थी.

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दिल्ली के होटल मालिक रमेश कक्कड़ से रिश्वत लेने से इनकार करने वाले एनडीएमसी अफसर एमएम खान की हत्या के एक दिन बाद, उपराज्यपाल नजीब जंग के दफ्तर से कक्कड़ की खान के खिलाफ याचिका एनडीएमसी भेजी गई थी. जिसमें कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई थी.

नजीब जंग के दफ्तर से आई खान के खिलाफ ये पहली याचिका नहीं थी, जिसपर उपराज्यपाल ने कार्रवाई की हो. 'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी खबर के मुताबिक, एमएम खान की हत्या से पांच दिन पहले उपराज्यपाल के दफ्तर से एनडीएमसी को एक और नोट भेजा गया था. इसमें उसी मुद्दे पर बीजेपी एमपी महेश गिरी की शिकायत का जिक्र था.

गौरतलब है‍ खान को जामिया नगर में उनके घर के बाहर 16 मई को दो बाइक सवार अपराधियों ने गोली मार दी थी. मामले में उस होटल मालिक को हिरासत में लिया गया, जो एनडीएमसी द्वारा लगाए गए करोड़ों रूपये के जुर्माने में छूट दिलवाने के लिए एमएम खान पर दबाव बना रहा था. उन्हें रिश्वत की पेशकश कर रहा था. लेकिन वह नहीं माने. बाद में खान को इस बारे में धमकी भी दी गई थी.

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एलजी ऑफिस ने नहीं दिया कोई जवाब
उपराज्यपाल नजीब जंग के दफ्तर में जब इंडियन एक्सप्रेस की ओर से कॉल कर इस मामले पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने किसी कॉल या मैसेज का जवाब ही नहीं दिया. जबकि महेश गिरी ने इस मुद्दे पर कहा कि 'मेरे दफ्तर से इस तरह के कई पत्र भेजे जाते हैं, लेकिन खान के खिलाफ हमने कोई खत नहीं भेजा.'

महेश गिरि और केजरीवाल में ठनी
बीते दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अफसर की हत्या मामले में बीजेपी नेता महेश गिरि को आरोपी बताया, जिसके बाद खूब सियासी बवाल मचा. महेश गिरि ने पहले तो केजरीवाल को खुले में बहस करने और आरोप साबित करने की चुनौती दी. लेकिन जब सीएम नहीं आए तो वह उनके निवास के बाहर अनशन पर बैठ गए. अनशन स्थल पर गिरि के समर्थन में गृह मंत्री राजनाथ सिंह और दिग्गज नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी पहुंचे.

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