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चेतन चौहान के केजरीवाल पर किए गए मानहानि केस में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

याचिका में कहा गया है कि एक समाचार चैनल को दिए  इंटरव्यू में अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि वित्तीय अनियमितताओं के अलावा डीडीसीए में सेक्स रैकेट समेत कई बड़ी गड़बड़ियां चल रही हैं.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

दिल्ली जिला एवं क्रिकेट संघ (डीडीसीए) और डीडीसीए के उपाध्यक्ष चेतन चौहान की आपराधिक मानहानि याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने 19 अप्रैल के लिए अपना अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है.

मानहानि याचिका दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और निलंबित भाजपा सांसद कीर्ति आजाद के खिलाफ दायर की गई थी. याचिका में कहा गया है कि एक समाचार चैनल को दिए  इंटरव्यू में अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि वित्तीय अनियमितताओं के अलावा डीडीसीए में सेक्स रैकेट समेत कई बड़ी गड़बड़ियां चल रही हैं.

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि डीडीसीए द्वारा किसी खिलाड़ी के चयन के बदले यौन संबंध बनाने की मांग की जाती है. इस बयान का कीर्ति आजाद ने भी समर्थन किया था.

इसके बाद चेतन चौहान ने केजरीवाल और कीर्ति आजाद दोनों पर आपराधिक मानहानि की धाराओं में मुकदमा किया था. हालांकि केजरीवाल और कीर्ति ने आरोपों को नकार दिया था. यहां तक कि कार्ति ने कहा था कि डीडीसीए समझौते के लिए तैयार हो गई है.

केजरीवाल ने मानहानि से जुड़े कई मामलों में माफी मांगकर मुकदमे खत्म करा लिए है, लेकिन अभी भी मानहानि से जुड़े तकरीबन एक दर्जन अलग-अलग मामले उन पर चल रहे हैं.

 

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