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24 अप्रैल को पंचायती राज की सिल्वर जुबली मनाएगी कांग्रेस

2019 का शंखनाद तो राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद महाधिवेशन में ही कार्यकर्ताओं के सामने कर दिया था. अब उसका आगाज़ तीन सूत्रीय रणनीति के साथ करने का फैसला हुआ है. दलित, किसान और युवा को केंद्र में रखकर पार्टी ने मोदी सरकार को घेरने का फैसला किया है.

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राहुल गांधी
राहुल गांधी

2019 का शंखनाद तो राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद महाधिवेशन में ही कार्यकर्ताओं के सामने कर दिया था. अब उसका आगाज़ तीन सूत्रीय रणनीति के साथ करने का फैसला हुआ है. दलित, किसान और युवा को केंद्र में रखकर पार्टी ने मोदी सरकार को घेरने का फैसला किया है.

राहुल गांधी 23 अप्रैल को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पार्टी ने संविधान बचाओ' की मुहिम शुरू करेंगे. ये इसी तीन सूत्रीय प्लान का ही हिस्सा है. इसके बाद कांग्रेस 29 तारीख को दिल्ली के रामलीला मैदान में दलित, किसान और युवा की जनाक्रोश रैली करने की भी घोषणा कर चुकी है. इन दोनों ही जगह राहुल का नेतृत्व और मौजूदगी रहेगी.

इसी बीच कांग्रेस के रणनीतिकारों ने अब नए तीसरे कार्यक्रम का प्लान भी तैयार किया है. सूत्रों के मुताबिक, हालिया उपचुनाव हों या गुजरात का चुनाव, पार्टी को ज़्यादा सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में मिली है, जबकि शहरी क्षेत्रों में वो पिछड़ती दिखी. इसीलिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मज़बूत करने के लिए पार्टी ने एक नया कार्यक्रम तय किया है. पार्टी को लगता है कि, इससे ग्रामीण भारत के साथ ही किसानों के बीच वो और मजबूती से अपना पक्ष रख सकेगी.

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आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक, दलित सम्मेलन के अगले दिन छत्तीसगढ़ के रायपुर में पंचायती राज के लागू होने के 25 साल पर एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी है. जिसमें खुद राहुल गांधी शिरकत करेंगे. दरअसल, कांग्रेस हमेशा पंचायती राज को राजीव गांधी का सपना और पार्टी की देन बताती रही है. इसीलिए मौका पाते ही वो अपनी इसी बात दोबारा से ग्रामीण भारत को याद दिलाना चाहती है. जल्दी ही पहले दो कार्यक्रमों की तरह इसकी भी घोषणा कर दी जाएगी.

अहम बात ये है कि, देश के पहले पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर इस बड़े मौके पर शायद नजर नहीं आएंगे. मणिशंकर को पंचायती राज का बड़ा हिमायती माना जाता रहा है. पर गुजरात चुनावों में अपने बिगड़े बोल के चलते कांग्रेस ने उनको पार्टी से सस्पेंड कर दिया था. उसके बाद मिले कारण बताओ नोटिस पर वो पार्टी की अनुशासन समिति के सामने सफाई दे चुके हैं.

हालांकि, अब तक उनकी सफाई को ना ही स्वीकार किया गया है और ना ही रिजेक्ट. वैसे मणिशंकर के करीबी तो उम्मीद लगाए बैठे हैं कि, उनका निलंबन जल्दी रद्द होगा. वो पार्टी के पंचायती राज के इस बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

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