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दिल्ली: 28 दिनों में ठंड से 172 बेघरों की मौत, NGO का दावा, सरकार ने नहीं किए इंतजाम

सेंटर फॉर होलिस्टिक डवलेपमेंट अध्यक्ष सुनील के मुताबिक 1 से लेकर 28 जनवरी तक 170 लोगों की मौत हुई है. इनमें उतरी दिल्ली में 53, उतर पश्चिमी दिल्ली में 16, सेंट्रल दिल्ली में 13, शाहदरा जिले में 13 साउथ ईस्ट में 12 और नई दिल्ली इलाके में 10 बेघरों को मौत हुई है.

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फाइल फोटो.
फाइल फोटो.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'सीएम को पत्र लिखकर बेघरों के लिए इंतजाम की मांग की थी'
  • दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अधिकारियों ने अव्यवस्था से किया इनकार

राजधानी दिल्ली में ठंड का कहर लगातार जारी है. कड़के की ठंड से पिछले 28 दिनों में 172 बेघरों की मौत हो चुकी है. गैर सरकारी संस्था, सेंटर फॉर होलिस्टिक डवलेपमेंट ने इतनी मौतों का दावा करते हुए कहा है कि उनकी ओर से दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा गया था कि इन बेघरों के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएं. लेकिन कोई इंतजाम नहीं हो पाए जिसके कारण इतने लोगो की मौत हुई है. हालांकि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अधिकारियों ने इससे इनकार किया है.

सुनील अलेडिया ने बताया  कि सीएचडी द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में देखा गया है कि आसफ अली रोड, जामा मस्जिद, आजादपुर, ओखला, बादली, निजामुद्दीन, सराय काले खां, कश्मीरी गेट, यमुना पुस्ता, निगम बोध घाट, यमुना बाजार, चांदनी चौक, दिल्ली गेट और उसके आसपास बड़ी संख्या में लोग खुले में सो रहे हैं. 

डीयूएसआईबी के मेंबर विपिन के मुताबिक, दिल्ली में लगभग 209 स्थाई नाइट सेंटर कोरोना के बढ़ते मामलों को देख इस बार 220 टेंट, पोटाकेबिन वाले नाइट शेल्टर्स की व्यवस्था डीयूएसआईबी द्वारा की गई है जिनमें तकरीबन 8,200 के आसपास बेघरों की रहने की व्यवस्था है. हालांकि दूसरे मेंबर विपिन के मुताबिक सेंटर फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट द्वारा दिए गए मौत के आंकड़े गलत हैं. नाइट शेल्टर में जितने भी लोग आते हैं, उनके स्वास्थ्य की पूरी व्यवस्था बोर्ड की तरफ से की जाती है. तीन वक्त का उनको खाना साथ ही मेडिकल्स की भी पूरी सुविधा उनको दी जाती है.

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