दिल्ली जहरीले फलों की मंडी बन गई है. इन गर्मियों में आम आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं क्योंकि इन्हें तमाम स्टॉकिस्ट कार्बाइड से पका रहे हैं. हालांकि ऐसा करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्ती दिखाई है लेकिन अब भी बाजार ऐसे ही फलों से भरे पड़े हैं.
आम को पकाने के लिए ज्यादातर किसान कार्बाइड का इस्तेमाल करते हैं. पहले कच्चे आम को तोड़ा जाता है और फिर कच्चे आम को पेटी में भरा जाता है लेकिन इन कच्चे आमों को जल्दी पकाने के लिए आमों की पेटियों में कार्बाइड की पुडि़या बना कर रखी जाती हैं और फिर इन पेटियों को कागज से ढककर सील कर दिया जाता है. इससे दो-तीन दिन में ही ये कच्चे आम पक जाते हैं. एक किलो कार्बाइड लगभग सौ किलो कच्चे आम को पकाने के लिए काफी होता है.
आप बाजार में पीले आम देखकर ललचाएं नहीं क्योंकि ये पीलापन और चमक कार्बाइड से आई है. ऐसे फल खाने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द जैसी परेशानियां तुरंत ही पैदा हो सकती हैं और लम्बे समय में कई घातक बीमारियों का शिकार भी लोगों को बना सकते हैं.
कच्चे फलों को जल्दी पका कर मोटा मुनाफा कमाने के लिए मुनाफाखोर दिल्लीवालों की सेहद से खेल रहे हैं. जाहिर है सरकार को कागजी एक्शन दिखाने के बजाय ये सुनिश्चित करना चाहिए कि बाजार में एक भी जगह कार्बाइड से पके फल न बिकें.