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प्रदर्शनकारियों के बीच भीम आर्मी चीफ, बोले- देश में अगले 10 दिन में बनेंगे 5000 'शाहीन बाग'

दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जब सच्चे और ईमानदार लोग सड़क पर आते हैं, तब क्या होता है यह शाहीन बाग के लोगों ने सरकार को बता दिया है. मैं जब जेल में था, तो रोज अखबार पढ़ता था कि कहीं मेरी मां-बहनों पर लाठीचार्ज तो नहीं किया गया.

शाहीन बाग पहुंचे चंद्रशेखर शाहीन बाग पहुंचे चंद्रशेखर

  • CAA-NRC के खिलाफ शाहीन बाग में महिलाएं कर रही हैं प्रदर्शन
  • चंद्रशेखर बोले- गूंगी-बहरी सरकार को जगाने सड़क पर उतरीं मां-बहनें

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुधवार को भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद शाहीन बाग पहुंचे. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला. दिल्ली के शाहीन बाग में लोगों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा, 'हमने अभी तक इतिहास में जलियांवाला बाग सुना था. अब शाहीन बाग सुना है. यह गैर राजनीतिक आंदोलन है. ऐसा आंदोलन बार-बार नहीं होता है. अब अगले 10 दिन में शाहीन बाग जैसे 5000 प्रदर्शन स्थल बनाए जाएंगे.'

चंद्रशेखर ने कहा, 'जब सच्चे और ईमानदार लोग सड़क पर आते हैं, तब क्या होता है यह शाहीन बाग के लोगों ने सरकार को बता दिया है. मैं जब जेल में था, तो दिल्ली में सर्दी ने 112 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन प्रदर्शन ने सब रिकॉर्ड तोड़ दिए. मैं रोज अखबार पढ़ता था कि कहीं मेरी बहनों पर लाठीचार्ज तो नहीं किया गया.' मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए भीम आर्मी चीफ ने कहा कि यह गूंगी-बहरी सरकार को जगाने के लिए आज लाखों मां-बहनें सड़क पर उतर गई हैं. पहले भी हमने जन आंदोलन में अंग्रेजों को भगाया था और अब काले अंग्रेजों को भगाएंगे.'

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उन्होंने कहा, 'साल 1947 में बाबा साहब आंबेडकर हिंदू कोर्ट बिल लेकर आए थे, जिससे महिलाओं को अधिकार मिले. उनके दिल में कोई लालच नहीं था. उनका सपना था कि महिलाएं देश का नेतृत्व करें. आज महिलाओं ने मोर्चा संभाल रखा है.'चंद्रशेखर ने कहा कि दुनिया की बात सुनते हैं, हमारी बहनों की बात क्यों नहीं सुनते...हमेशा सच्चाई की जीत होती है और हमारी मेहनत जरूर कामयाब होगी. इंसानियत की और देश के संविधान की जीत होगी. उन्होंने कहा, सीएए संविधान विरोधी है. जब तक भीम आर्मी और चंद्रशेखर है, तब तक देश में सीएए जो देश को धर्म के आधार पर बांटने वाला कानून है, उसे लागू नहीं होने देंगे.

इससे पहले सोमवार को दिल्ली पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया था कि धरना खत्म कर दें. आग्रह में कहा गया था कि महीने भर से दिए जा रहे धरने के चलते आसपास के इलाके की सड़कें बंद हैं.

पुलिस ने आग्रह किया था कि धरने पर बैठे लोग अपने ही उन लोगों के बारे में भी खुद से विचार करें, जिनका इस धरने से कुछ लेना-देना नहीं है. इस धरने के चलते तमाम लोगों को परेशानी हो रही है. अब बच्चों की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, जिससे उन्हें भी आने-जाने में लंबे रास्तों का इस्तेमाल करने को मजबूर होना पड़ेगा.

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वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ लखनऊ में घंटाघर पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मशहूर उर्दू शायर मुनव्वर राना की बेटियों और कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. ठाकुरगंज पुलिस स्टेशन में सोमवार देर रात अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं, जिसमें आईपीसी की धारा 147 (दंगा करने), 145 (गैरकानूनी रूप से एकत्र होना या शामिल होने या जारी रखना यह जानते हुए भी कि इसे तितर-बितर करने की आज्ञा दी गई है) धारा 188 (लोकसेवक द्वारा विधिवत दिए आदेश की अवज्ञा) और 283 (सार्वजनिक रूप से खतरा या रुकावट) के तहत 20 महिलाओं, दो पुरुषों और 135 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

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