दिल्ली के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण में शामिल होने के न्योते पर बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने निशाना साधा. हालांकि, विपक्ष के हमलावार होने के बाद अब केजरीवाल ने शपथ ग्रहण में शिक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति को लेकर अपना कदम पीछे खींच लिया है और आदेश को न्योते में बदल दिया है.
सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर रमेश बिधूड़ी ने कहा, सरकारी कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कर्मचारियों पर शपथ ग्रहण के लिए आने के लिए दबाव बनाना ठीक नहीं है, अरविंद केजरीवाल उन पर ज्यादती कर रहे हैं. रमेश बिधूड़ी का कहना था, दिल्ली वालों ने AAP को भारी बहुमत के साथ चुना, लेकिन केजरीवाल को उन लोगों पर भरोसा नहीं है कि वे लोग उनके शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे भी या नहीं.
केजरीवाल जी क्या कर रहे?
रमेश बिधूड़ी ने कहा, सुना है कि कल (रविवार) के बाद से बिजली के बिलों में भी ढाई से तीन हजार लगकर आने शुरू हो गए जाएंगे. केवल सत्ता प्राप्त करने के लिए ऐसी हरकतें केजरीवाल जी क्यों कर रहे हैं? दिल्ली के लोग बहुत अच्छे हैं उन पर विश्वास कीजिए. उन्होंने कहा कि केजरीवाल पिछले चार दिन से टेलीविजन पर कह रहे हैं कि आप लोग शपथ ग्रहण में अपने बेटे को आशीर्वाद देने के लिए आइए.
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बिधूड़ी ने कहा, आजतक इतिहास में कभी किसी मुख्यमंत्री ने नहीं कहा होगा कि मेरे शपथ ग्रहण में सभी सरकारी कर्मचारी, अध्यापक और आंगनबाड़ी के कर्मचारी भी शामिल हो, केजरीवाल जी इन्हें बख्श दीजिए. उन्होंने कहा कि कम से कम संडे के दिन सरकारी कर्मचारियों को आराम करने दीजिए, उनके बच्चों की परीक्षा भी है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल जी थोड़ा संभल कर चलिए.
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बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बार फिर AAP की शानदार जीत के बाद रविवार को अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. हालांकि उनके शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षकों को बुलाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा था. मामले में दिल्ली के गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन ने उपराज्यपाल को पत्र लिखा था. पत्र में मांग की गई थी कि इस आदेश को अनिवार्य न बनाया जाए. वहीं, विपक्ष के हमले के बाद दिल्ली सरकार ने शिक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति को निमंत्रण में बदल दिया है.