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अरविंद केजरीवाल ने अचानक नहीं किया इस्तीफे का ऐलान, जेल में ही कर लिया था फैसला, पढ़ें- इनसाइड स्टोरी

सूत्रों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जेल में ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था और पद छोड़ने का मन बना लिया था. लेकिन साथ में उन्होंने यह भी तय कर लिया था कि जेल में रहते हुए वह इस्तीफा नहीं देंगे बल्कि बाहर आकर ही रिजाइन करेंगे.

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केजरीवाल ने जेल में ही कर लिया था इस्तीफे का फैसला
केजरीवाल ने जेल में ही कर लिया था इस्तीफे का फैसला

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा केजरीवाल रविवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने ऐलान किया कि वह दो दिनों के बाद सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे. उनकी इस घोषणा ने सभी को चौंका दिया है. हालांकि सूत्रों की मानें तो केजरीवाल के इस्तीफे का यह ऐलान अचानक नहीं हुआ है बल्कि उन्होंने जेल में ही पद छोड़ने का फैसला कर लिया था.

सूत्रों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जेल में ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था और पद छोड़ने का मन बना लिया था. लेकिन साथ में उन्होंने यह भी तय कर लिया था कि जेल में रहते हुए वह इस्तीफा नहीं देंगे बल्कि बाहर आकर ही रिजाइन करेंगे. 

AAP नेताओं ने बनाई अंतिम रणनीति

केजरीवाल ने शीर्ष नेताओं को बताया कि वह इस्तीफा देने जा रहे हैं. उनकी तरफ से जानकारी मिलने के बाद AAP नेताओं ने अंतिम रणनीति बनाई. सीएम केजरीवाल ने रविवार को कहा कि जब तक लोग उन्हें 'ईमानदारी का प्रमाणपत्र' नहीं दे देते, तब तक वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि अगले दो दिन में विधायक दल की बैठक होगी और नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा. अगला मुख्यमंत्री भी आम आदमी पार्टी से ही कोई होगा. 

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जेल से निकलकर क्या बोले केजरीवाल?

उन्होंने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि फरवरी में चुनाव है. मैं मांग करता हूं कि ये चुनाव महाराष्ट्र के साथ नवंबर में कराए जाएं. केजरीवाल ने कहा कि मेरे इस्तीफा देने के बाद दिल्ली विधानसभा भंग नहीं होगी. आम आदमी पार्टी के विधायक दल की बैठक में नया मुख्यमंत्री चुना जाएगा. इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि इस दौरान मनीष सिसोदिया भी कोई जिम्मेदारी नहीं लेंगे. मैं और सिसोदिया जनता के बीच जाएंगे. 

15 दिनों के भीतर खाली करेंगे CM आवास

सूत्रों की मानें तो केजरीवाल अपने इस्तीफे के 15 दिनों के भीतर सीएम आवास खाली कर देंगे. हालांकि यह एक प्रोटोकॉल का हिस्सा है. पद से इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री को अपने आवास को 15 दिनों के भीतर खाली करना पड़ता है. बता दें कि दिल्ली में कोई आधिकारिक सीएम आवास नहीं है. मुख्यमंत्री पद पर रहने वाला शख्स जिस घर में रहता है उसे ही ऑफिशियल सीएम आवास के तौर पर देखा जाता है.

सीएम की रेस में कई नाम

केजरीवाल के इस्तीफे के ऐलान के बाद दिल्ली सीएम की रेस में कई नाम चल रहे हैं. इनमें आतिशी, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय का नाम शामिल है. दिल्ली के अगले सीएम के रूप में आतिशी का नाम सामने आने पर उन्होंने काफी घुमाकर जवाब दिया और इस पर कुछ भी कहने से बचती दिखीं.

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सीएम के सवाल पर क्या बोलीं आतिशी?

आजतक से खास बातचीत में जब आतिशी से पूछा गया कि क्या आप दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री होंगी. इस पर आतिशी ने कहा कि आप एक ऐसी पार्टी की नेता से बात कर रही हैं, जिसने ईमानदारी की एक नई मिसाल पेश की है. किस नेता में दम है, जो जनता के बीच जाकर बोले कि अगर मैं ईमानदार हूं तो वोट दीजिए. 

'AAP सरकार दिल्ली की जनता के लिए काम करती रहेगी'

आतिशी ने कहा कि दिल्ली का सीएम कौन होगा, यह महत्वपूर्ण नहीं है. ये महत्वपूर्ण है कि चाहे अरविंद केजरीवाल इस्तीफा दे दें, आम आदमी की सरकार एक हफ्ते या एक महीने चलेगी, लेकिन वो दिल्ली के लोगों के लिए काम करती रहेगी. अगला सीएम कौन होगा यह तो विधायक दल की बैठक में तय होगा. लेकिन दिल्ली की जनता आप की सरकार ही चाहती है. क्योंकि उनके बेटे ने और हमारे नेता ने यह साबित करके दिखाया है.

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