
केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच तकरार एक बार फिर बढ़ रही है. केंद्र द्वारा संसद में NCT एक्ट से जुड़ा एक संशोधित बिल पेश किया गया है, जो कि उपराज्यपाल को मिलने वाले अधिकार को बढ़ाता है. ऐसे में अब आम आदमी पार्टी इस मसले पर विरोध तेज़ कर रही है. पार्टी द्वारा आयोजित धरने में शामिल होने के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पहुंचे. यहां उन्होंने मंच से केंद्र सरकार पर निशाना साधा. सीएम ने कहा कि केंद्र के इस बिल से दिल्ली के लोग दुखी हैं.
जंतर-मंतर से सीएम केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर एलजी ही सरकार है तो दिल्ली में चुनाव का क्या मतलब. दिल्ली में बीजेपी ने सरकार गिराने की कोशिश की. ये लोग देश में सरकार गिराने के लिए जाने जाते हैं.
केजरीवाल ने कहा कि उस कानून में लिखा है कि दिल्ली सरकार का मतलब LG होगा, फिर हमारा मतलब क्या होगा. हमारे साथ धोखा हो गया है. इससे दिल्ली के लोगों में गुस्सा है. दिल्ली में MCD में उनको जीरो सीट मिलीं, आम दिल्ली की जनता कह रही है कि हमको आम आदमी पार्टी चाहिए. लेकिन ये चोरी से दिल्ली में राज करना चाहते हैं. एक छोटा बच्चा क्रिकेट हार गया तो बल्ला बॉल लेकर भाग गया, वैसे ही ये जनता का राज ख़त्म करना चाहते हैं.
पूरे देश मे यही कर रहे हैं, दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक बिक नही रहे तो इन्होंने कानून लाकर दिल्ली की सत्ता ख़त्म करना चाहते हैं. इन्हें सूरत, कर्नाटक, दिल्ली में निगम की सीट की वजह से दिक्कत हो रही है. अब उत्तर प्रदेश, गुजरात के लोग फ्री बिजली मांग रहे हैं. सीएम ने कहा कि अगर वोट चाहिए तो तुम भी अच्छे काम करो. केंद्र सरकार देश के साथ धोखा मत करो. ये चाहे जितनी शक्तियां छीन लें, हम काम करते रहेंगे. बता दें कि जंतर-मंतर पर AAP कार्यकर्ताओं समेत दिल्ली सरकार के कई मंत्री, नेता भी वहां मौजूद रहे.
जनता द्वारा भारी बहुमत से चुनी गई दिल्ली की केजरीवाल सरकार के अधिकारों को छिनने के लिये केंद्र सरकार द्वारा लाये गये बिल के खिलाफ लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh)
जी की अगुवाई में आप कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन।
इससे पहले मनीष सिसोदिया ने मंच से कहा कि आज फिर जंतर मंतर पर आ गए हैं, जंतर मंतर से ताकत लेकर 2013 में पार्टी बनाकर दिल्ली में कामकाज शुरू किया. आज इस ताकत से भारतीय जनता पार्टी डर रही है.
उन्होंने कहा कि ये कानून केवल दिल्ली सरकार की ताकत को रोकने का कानून नहीं है बल्कि केजरीवाल मॉडल ऑफ गवर्नेंस को उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड में रोकने का कानून भी है.
इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता और सरकार में मंत्री गोपाल राय ने मंच से कहा कि एक बार फिर केंद्र द्वारा षड्यंत्र करके चुनी हुई सरकार को कमजोर करना चाहती है. उन्होंने मंच से कहा कि दिल्ली के लोग डरे हुए है कि अगर केजरीवाल सरकार से ताकत छीन कर LG के पास चली जाएगी तो बिजली-पानी की सुविधा बंद हो जाएगी. मुफ़्त स्वास्थ्य सेवा और महिलाओं का मुफ़्त बस सफर बंद हो जाएगा.

बता दें कि इससे पहले भी अरविंद केजरीवाल ट्विटर के जरिए केंद्र को घेर चुके हैं, वहीं मनीष सिसोदिया ने इस मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और केंद्र पर बैकडोर से दिल्ली की सरकार चलाने का आरोप लगाया था. आम आदमी पार्टी के सांसद इससे पहले संसद में भी इस मसले को उठा चुके हैं.
मालूम हो कि केंद्र द्वारा जो बिल लाया गया है, उसके मुताबिक दिल्ली सरकार को किसी भी बिल या कानून बनाने के लिए उपराज्यपाल की मंजूरी लेनी होगी. इसके अलावा प्रशासनिक फैसलों के लिए भी उपराज्यपाल को पहले ही सूचना देनी होगी और मंजूरी लेनी होगी.