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झारखंड पर AAP की नजर, बाबूलाल मरांडी की पार्टी हाथ मिला सकते हैं केजरीवाल

हाल ही में आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में पहली बार कदम रखते हुए प्रदेश में अपने लिए जगह बनाने में सफलता हासिल की. आम आदमी पार्टी अब झारखंड में अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर रही है.

फाइल फोटो फाइल फोटो

राजनीतिक शोर-शराबे से दूर होकर आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी को लगातार देश के अलग-अलग राज्यों में फैलाने की कोशिश में लगे हुए हैं. दक्षिण भारत में कमल हासन और विशाल को न्योता देने के बाद अब अरविंद केजरीवाल झारखंड में पैर पसारने की कोशिश कर रहे हैं.

हाल ही में आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में पहली बार कदम रखते हुए प्रदेश में अपने लिए जगह बनाने में सफलता हासिल की. आम आदमी पार्टी अब झारखंड में अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर रही है. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष संजय सिंह और झारखंड प्रभारी संजीव झा ने रांची में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात की है. इससे पहले खुद बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात कर चुके हैं.

गठबंधन पर लगेगी मुहर!

केजरीवाल और मरांडी की मुलाकात के बाद पार्टी के नेताओं ने रांची पहुंच कर झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष से दोबारा मुलाकात की है. आप सूत्रों का कहना है कि झारखंड में दोनों पार्टियों के बीच सहमति बन गई है जिसके तहत जल्द ही झारखंड में आम आदमी पार्टी और झारखंड विकास मोर्चा के गठबंधन पर मुहर लग सकती है.

विश्वस्त सूत्रों की मानें, तो अगले साल जनवरी में पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल झारखंड में बाबूलाल मरांडी के साथ जनसभाएं भी कर सकते हैं. जनवरी में ही झारखंड में किसी जनसभा के दौरान आम आदमी पार्टी और झारखंड विकास मोर्चा के औपचारिक गठबंधन का ऐलान भी हो सकता है.

सोरेन की छवि से दिक्कत?

आप सूत्रों का कहना है कि झारखंड में आम आदमी पार्टी के पास संगठन मजबूत नहीं है वही झारखंड विकास मोर्चा और बाबूलाल मरांडी के पास अपना मजबूत संगठन मौजूद है. हालांकि आम आदमी पार्टी के पास झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन के साथ गठबंधन के रास्ते भी खुले थे लेकिन दिल्ली के नेतृत्व को लगता है कि शिबू सोरेन की छवि बेहतर नहीं है और उनके मुकाबले बाबूलाल मरांडी को लेकर के दिल्ली और झारखंड दोनों जगहों पर उनकी छवि पर कोई दाग नहीं है.

आप नेताओं का मानना है कि बाबूलाल मरांडी के साथ गठबंधन करके झारखंड में न सिर्फ आम आदमी पार्टी को पहचान मिलेगी बल्कि उन्हें एक कद्दावर नेता भी मिलेगा. हालांकि गठबंधन के औपचारिक ऐलान से पहले आम आदमी पार्टी गठबंधन पर विस्तारपूर्वक मंथन करना चाहती है.

झारखंड में आम आदमी पार्टी के पास कोई चेहरा मौजूद नहीं है ऐसे में बाबूलाल मरांडी के साथ गठबंधन करके और उन्हें आगे रखकर चेहरा बनाने से पार्टी को कोई एतराज नहीं होगा. दिल्ली के विधायक और झारखंड के प्रभारी संजीव झा पिछले 2 साल से लगातार झारखंड में संगठन के लिए काम कर रहे हैं और छोटी मोटी सभाएं भी कर रहे हैं.

ऐसे में अगर झारखंड विकास मोर्चा के साथ आम आदमी पार्टी का गठबंधन होता है तो केजरीवाल के लिए यह एक बड़ी जीत होगी साथ ही उनकी आम आदमी पार्टी को दिल्ली के बाहर दूसरे राज्यों में पनपने में भी मदद मिलेगी. केजरीवाल फिलहाल चुनावी शोर और मीडिया से दूर रहकर जहां दिल्ली में अपनी सरकार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं वही पार्टी के दूसरे नेता अलग-अलग राज्यों में संगठन को मजबूत करने की कोशिशों में लगे हुए हैं.

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