scorecardresearch
 

छत्तीसगढ़: बीजेपी को बड़ा झटका, पूर्व MLA विजय अग्रवाल ने पार्टी से दिया इस्तीफा

छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. पूर्व विधायक विजय अग्रवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

Advertisement
X
बीजेपी (फाइल फोटो)
बीजेपी (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं. लेकिन इससे पहले बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. पूर्व विधायक विजय अग्रवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. विजय अग्रवाल ने रायगढ़ विधानसभा सीट से मौजूदा बीजेपी विधायक के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

बता दें कि बीजेपी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने 77 प्रत्याशियों की घोषणा की थी. लेकिन जैसे ही टिकट वितरण शुरू हुआ पार्टी में बगावत के सुर तेज होने लगे. रायगढ़ और दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा में पार्टी प्रत्याशियों का कार्यकर्ता खुलकर विरोध कर रहे हैं.  

विजय अग्रवाल ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने का पत्र प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक को भेज दिया है. उधर साजा विधानसभा क्षेत्र से भी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार लाभचंद बाफना के खिलाफ बगावत का बिगुल फूूंकने वाले दर्जन भर कार्यकर्ताओं की पार्टी से छुट्टी कर दी गई है.

Advertisement

बिलासपुर विधानसभा सीट में भी आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल का विरोध शुरू हो गया है. सैकड़ों की तादाद में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर में पार्टी कार्यालय में उनके खिलाफ नारेबाजी की है. इन कार्यकर्ताओं ने खुलेआम चेतावनी दी है कि यदि उन्हें नहीं बदला गया तो वे घर बैठ जाएंगे और अग्रवाल का प्रचार नहीं करेंगे.

बीजेपी ने रायगढ़ से रोशनलाल अग्रवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है. रोशनलाल अग्रवाल 2013 में विधानसभा चुनाव जीते थे, इसलिए इस बार भी बीजेपी ने उनपर भरोसा जताया है. इससे पहले विजय अग्रवाल 2003 से लेकर 2008 तक रायगढ़ से विधायक रह चुके हैं.

निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे विजय अग्रवाल

टिकट ना मिलने से नाराज विजय अग्रवाल ने अब निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उनके इस कदम से बीजेपी को सीधे तौर पर वोटों के नुकसान का अंदेशा जाहिर किया जा रहा है.  

बताया जाता है कि 2013 में भी इस विधानसभा सीट से रोशनलाल को टिकट दिए जाने के विरोध में विजय अग्रवाल ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ने की तैयारी की थी. लेकिन बीजेपी के बड़े नेताओं ने 10 हजार से अधिक वोटों से चुनाव हारे हुए नेताओं को टिकट ना देने की नीति का हवाला देकर उसे मना लिया था. लेकिन इस बार पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए कई नेताओं को टिकट देकर अपनी नई नीति बनाई है. रोशनलाल भी इसी नीति का हवाला देकर अपने लिए टिकट की मांग कर रहे हैं.

Advertisement
Advertisement