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छत्तीसगढ़ चुनाव: जांजगीर-चांपा सीट पर हर बार नेता बदलती है जनता!

छत्तीसगढ़ की सियासी लड़ाई दो नेताओं के बीच सिमटी है. 1998 से लेकर एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी जीतती आ रही है, लेकिन इस सीट पर बसपा का ग्राफ चुनाव दर चुनाव बढ़ता रहा है. ऐसे में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद दिख रही है.

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कांग्रेस के विधायक मोतीलाल देवांगन
कांग्रेस के विधायक मोतीलाल देवांगन

छत्तीसगढ़ की जांजगीर-चांपा विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. पिछले तीन चुनाव के नतीजे देंखे तो एक बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस वाले नतीजे सामने आते रहे हैं. इस समीकरण के लिहाज से इस बार बारी बीजेपी की है. लेकिन बसपा यहां पर दोनों पार्टियों को कांटे टक्कर देती रही है. ऐसे में त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है.

जांजगीर-चंपा की खासियत

जांजगीर-चंपा राज्य के बीचो-बीच बसा हुआ है. इसीलिए इसे छत्तीसगढ़ के दिल के रूप में देखा जाता है. ये कलचुरी राजवंश के महाराजा जांजवाल्य देव का शहर है. विष्णु मंदिर इस जिले के सुनहरे अतीत को दर्शाता है. विष्णु मंदिर वैष्णव समुदाय का एक प्राचीन कलात्मक नमूना है.

जांजगीर-चंपा विधानसभा चुनाव की सियासी लड़ाई बीजेपी के नारायण चंदेल और कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन के बीच ही पिछले दो दशक से होती आ रही है. मौजूदा समय में कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन विधायक हैं.

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2013 के चुनाव की नतीजे

कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन को 54291 वोट मिले थे.

बीजेपी के नारायण चंदेल    को 43914    मिले थे.

बसपा के अमर सिंह राठौर     को 27487    वोट मिले थे.

2008 के चुनाव परिणाम

बीजेपी के नारायण चंदेल को 41954 वोट मिले थे.

कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन को 40784 वोट मिले थे.

बसपा के रविंद्र द्विवेदी को    18113 वोट मिले थे.

2003 के नतीजे

कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन को 52075 वोट मिले थे.

बीजेपी के नारायण चंदेल    को 44365    वोट मिले थे.

बसपा के उदल किरण को 15009 वोट मिले थे.

1998 से दोनों नेता आमने-सामने

बता दें कि छत्तीसगढ़ के गठन से पहले 1998 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नारायण चंदेल और कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन पहली बार चुनावी समर में उतरे थे. उस समय नारायण चंदेल ने 35 हजार 83 वोट पाकर विधायक बने थे. इस सीट पर पहली बार कमल खिला था. इसके बाद से दोनों के बीच मुकाबला होता रहा है.

छत्तीसगढ़ के समीकरण

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. राज्य में अभी कुल 11 लोकसभा और 5 राज्यसभा की सीटें हैं. छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिले हैं. राज्य में कुल 51 सीटें सामान्य, 10 सीटें एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं.

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2013 में रमन सिंह हैट्रिक

2013 में विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए गए थे. इनमें भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में लगातार तीसरी बार कांग्रेस को मात देकर सरकार बनाई थी. रमन सिंह की अगुवाई में बीजेपी को 2013 में कुल 49 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी. जबकि कांग्रेस सिर्फ 39 सीटें ही जीत पाई थी. जबकि 2 सीटें अन्य के नाम गई थीं. 2008 के मुकाबले बीजेपी को तीन सीटें कम मिली थीं, इसके बावजूद उन्होंने पूर्ण बहुमत से अपनी सरकार बनाई. रमन सिंह 2003 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं.

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