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नीरव मोदी को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, कांग्रेसी MLA निलंबित

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नीरव मोदी का मामला छाया रहा. दरअसल नीरव मोदी और छत्तीसगढ़ का आपस में कोई सीधा नाता नहीं है. लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. मकसद था ऑस्ट्रेलिया की मल्टीनेशनल कंपनियों और उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए तैयार करना. मुख्यमंत्री रमन सिंह करीब हफ्तेभर ऑस्ट्रेलिया में रहे और उन्होंने कई उद्योगपतियों से मेल-मुलाकात की.

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस ने नीरव मोदी मामले में राज्य के बीजेपी सरकार को भी घसीटा है. कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रमन सिंह की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान व्यापारिक मसलों पर हुई चर्चा का मुद्दा उठाया और सरकार से इस मामले में जवाब मांगा. शून्य कॉल में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में हीरा उत्खनन को लेकर जिस रियो टिंटो कंपनी के साथ मुख्यमंत्री रमन सिंह ने चर्चा की है, उस कंपनी में पार्टनर नीरव मोदी है.

उधर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कांग्रेस से इस मामले किसी भी तरह के तथ्य सबूतों सहित सदन में रखने की मांग की. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस हाइपोथेटिकल सवाल कर रही है. इस मसले को लेकर पक्ष विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई. कांग्रेसियों ने राज्य की बीजेपी सरकार के खिलाफ सदन में खूब नारेबाजी की. इसके बाद अध्यक्ष ने कांग्रेसी विधायकों को दिनभर के लिए निलंबित कर दिया.   

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नीरव मोदी का मामला छाया रहा. दरअसल नीरव मोदी और छत्तीसगढ़ का आपस में कोई सीधा नाता नहीं है. लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. मकसद था ऑस्ट्रेलिया की मल्टीनेशनल कंपनियों और उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए तैयार करना. मुख्यमंत्री रमन सिंह करीब हफ्तेभर ऑस्ट्रेलिया में रहे और उन्होंने कई उद्योगपतियों से मेल-मुलाकात की.

कांग्रेस का आरोप है कि रमन सिंह ने राज्य में हीरे के उत्खनन के लिए रियो टिंटो नामक कंपनी से संपर्क साधा था. कांग्रेस के मुताबिक इस कंपनी में नीरव मोदी बतौर पार्टनर जुड़े है. कांग्रेस का यह भी आरोप है कि रियो टिंटो कंपनी मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों और देश विदेश में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है. फिर क्यों उसे न्योता दिया गया. कांग्रेस ने सरकार से वक्तव्य देने की मांग की. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सदन में हंगामा भी किया.

उधर, हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेसियों को निलंबित करने की घोषणा की तो इधर कांग्रेसी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया. मुख्यमंत्री रमन सिंह के मुताबिक कांग्रेसियों को धरना प्रदर्शन में जाना था. इसलिए उन्होंने मौका खोजा और काल्पनिक सवाल सदन में उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस रियो टिंटो के मामले में कोई प्रमाणित तथ्य तो सदन में रखे. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस के आरोपों को देखकर तो यही लगता है कि इनके सपने में भी कोई बात रात में आती है, वे सुबह आकर उसे सदन में उठा देते हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में रियो टिंटो को ज्यादा से ज्यादा परमिशन दिया गया था. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सदन में जानबूझ कर झूठे आरोपों के जरिए हंगामा और बहिष्कार कर रही है. उन्होंने कहा कि असल में रायपुर में आयोजित राजनीतिक मुद्दे को लेकर कांग्रेसियों को प्रदर्शन में शामिल होना है. इसके लिए वो बहिर्गमन किए हैं.

कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि तब भी तो कांग्रेसियों को ठोस बहाने बनाने चाहिए. सीएम ने कहा कि कांग्रेस को कोई गंभीर विषय को लेकर आना चाहिए था. सिर्फ राजनीतिक मुद्दे पर कांग्रेस बहस में भाग नहीं ले रही है. जबकि सरकार हर सार्थक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है.     

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद, मैनपूरी, पायलीखंड और रायगढ़ में हीरे की खदाने हैं. यहां सर्वेक्षण का कार्य सालों से अटका पड़ा है. संयुक्त मध्य प्रदेश के दौरान छत्तीसगढ़ की इन हीरा खदानों के सर्वेक्षण के लिए तत्कालीन मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने रियो टिंटो और डिबियर्स जैसी विदेशी कंपनियों को प्रॉसपेस्टिंग लाइसेंस जारी किया था. लेकिन दोनों ही कंपनियां सर्वेक्षण को लेकर सरकार की नजरों में खरी नहीं उतर पाई. इसे लेकर विवाद इतना बढ़ा की दोनों ही कंपनियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. बीते 17 सालों से यह मामला अदालत में विचाराधीन है. इसके चलते राज्य की हीरा खदाने ठप्प पड़ी हैं.

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