बीजेपी नेता सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया है कि आखिर बलात्कार का आरोपी आरजेडी विधायक राजबल्लभ यादव पिछले 20 दिनों से बेल पर जेल से कैसे बाहर है?, जबकि नीतीश ने कहा था कि जो भी डॉन दिखेगा वह जेल के अंदर जाएगा.
मोदी ने सरकार से सवाल किया कि आखिर क्यों राजबल्लभ यादव की जमानत को खारिज करने के लिए ने सुप्रीम कोर्ट में किसी वरिष्ठ वकील की सेवा नहीं ली? गौरतलब है कि बिहार सरकार ने की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली हुई है. 7 अक्टूबर को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजबल्लभ यादव को नोटिस जारी कर पूछा था की उसकी जमानत क्यों नहीं खारिज की जाए. बहरहाल राजबल्लभ यादव ने कोर्ट से 1 हफ्ते का समय और मांगा है, नोटिस का जवाब देने के लिए. इस मामले में अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को है.
'सरकार ने नहीं किया बड़ा वकील'
मोदी ने आरोप लगाया कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद और राजबल्लभ यादव की मुलाकात के बाद बिहार सरकार रेप के आरोपी विधायक की जमानत याचिका को खारिज करने के लिए संजीदा नजर नहीं आ रही है. लालू और राजबल्लभ यादव के मुलाकात के बाद सरकार दबाव में है और सुप्रीम कोर्ट में जमानत का विरोध करने के लिए सरकार ने कोई बड़ा वकील खड़ा नहीं किया. वहीं राजबल्लभ की ओर से सिद्धार्थ लूथरा और आर बसंत जैसे नामचीन वकीलों ने पैरवी की.
पीड़िता सदमे में
नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए मोदी ने कहा की अभियुक्तों से लालू यादव की हमदर्दी के वजह से पहले बिहार सरकार ने कमजोर पैरवी करके शाहबुद्दीन और फिर राजबल्लभ यादव को जमानत दिलाई थी. नीतीश ने कहा था कि जो भी डॉन दिखेगा वह जेल के अंदर जाएगा तो फिर राजबल्लभ 20 दिनों से जेल के बाहर कैसे हैं? राजबल्लभ के डर से पीड़िता सदमे में है और कोर्ट में पेश होने से इंकार कर दिया है.
मोदी ने नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि वह हर कदम पर पीड़ित के बजाए अभियुक्त की मदद करती रहती है. बिहार में अपराधियों को खुला राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और नीतीश कुमार पीएम बनने के एजेंडे पर काम करने के लिए देशभर में घूम रहे हैं.