राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव मंगलवार सुबह पटना की सीबीआई कोर्ट में पेश हुए. लालू यहां भागलपुर कोषागार से 47 लाख का चारा घोटाला मामले में पेश हुए थे. उनके साथ अन्य आरोपियों की भी पेशी हुई थी. लालू पर इस मामले में 47 लाख रुपये की फर्जी निकासी का आरोप है.
मामले में अभी भी सीबीआई को गवाह पेश करना है. मामले में 44 लोगों पर चार्जशीट दायर है, जिसमें से 15 मृत आरोपी और 29 लोगों पर चल रहा ट्रायल चल रहा है. सीबीआई ने अब तक 34 गवाहों को पेश किया है. सीबीआई ने यह मामला 1996 में दर्ज किया था.
बता दें कि चारा घोटाले में मिली जेल की सजा को लालू यादव ने चुनौती दी है. चारा घोटाला 1990 के बीच में बिहार के पशुपालन विभाग से जुड़ा हुआ मामला है. इस दौरान लालू बिहार के मुख्यमंत्री थे. दूसरी ओर चारा घोटाला के एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट के लालू प्रसाद के खिलाफ एफआईआर को खारिज करने को चुनौती देते हुए सीबीआई ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर की थी.
सीबीआई ने अपनी हालिया अपील में हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में केवल दो धाराओं के तहत सुनवाई को मंजूरी दी गई थी, जबकि अन्य आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि एक अपराध के लिए किसी व्यक्ति का दो बार ट्रायल नहीं हो सकता.
गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि भारतीय दंड संहिता की धारा-201 और धारा-511 के तहत लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले की सुनवाई चलती रहेगी.