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पटना में कैसे हुआ जलजमाव, जांच के लिए सरकार ने बनाई कमेटी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को घोषणा की थी कि पटना में जलजमाव की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जो 1 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी. मंगलवार को इस कमेटी के सदस्यों के नाम तय कर लिए गए.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी की फाइल फोटो (ANI) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी की फाइल फोटो (ANI)

  • पटना में फिर ऐसे हालात पैदा न हों, कमेटी इस पर विचार करेगी
  • कमेटी में अरुण कुमार, अमृत मीणा, सिद्धार्थ व प्रत्यय अमृत शामिल

बिहार की राजधानी पटना में बाढ़ पर नीतीश सरकार एक्शन में है. सोमवार को कई अधिकारियों को सस्पेंड करने के बाद सरकार ने अब एक चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. ये कमेटी इस बात की जांच करेगी कि आखिर पटना में जलजमाव की स्थिति क्यों पैदा हुई. भविष्य में ऐसे हालात न हों इसके लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को घोषणा की थी कि पटना में जलजमाव की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जो 1 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी. मंगलवार को इस कमेटी के सदस्यों के नाम तय कर लिए गए. 4 सदस्य कमेटी के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह होंगे. वहीं, अमृत लाल मीणा, सिद्धार्थ और प्रत्यय अमृत इसके सदस्य होंगे.

कई इंजीनियरों को नोटिस जारी

पटना में जलजमाव को लेकर सोमवार को राज्य सरकार ने बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्च र डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) के 11 इंजीनियरों सहित कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें पटना में भारी बारिश होने के बाद जलजमाव की स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया गया. इसके बाद यह निर्णय लिया गया.

बैठक में भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसे लेकर भी विचार किया गया. चार घंटे से ज्यादा चली इस बैठक के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पत्रकारों को बताया कि कई लोगों को निलंबित किया गया है, जबकि कई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

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