बिहार में चमकी बुखार से हो रही है मौतों पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की नीतीश कुमार सरकार जाग गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर बुधवार को 14 अतिरिक्त डॉक्टरों की टीम मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज पहुंच रही है. डॉक्टरों की यह टीम पटना और दरभंगा मेडिकल कॉलेज से जा रही है. इससे पहले मंगलवार को नीतीश कुमार ने कोताही न बरतने के आदेश के साथ 24 घंटे डॉक्टरों की टीम को बच्चों की इलाज में लगे रहने का आदेश दिया था.
इसके बाद मुख्य सचिव ने मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए अतिरिक्त डॉक्टर भेजने का आश्वासन दिया था. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बाल रोग विशेषज्ञों और पैरामेडिक्स की 5 केंद्रीय टीमें बिहार में तैनात की गई हैं, ताकि चमकी बुखार को फैलने से रोका जा सके.
बिहार में चमकी बुखार से अब तक 113 बच्चों की मौत हो चुकी है. पिछले 24 घंटो में 75 से ज्यादा नए मरीजों को भर्ती कराया गया है. 418 बच्चों का इलाज चल रहा है, जिसमें से कई गंभीर बताए जा रहे हैं. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने मौतों की शुरुआत होने के 20 दिन बार श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) का दौरा किया, जहां उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा.
Union Health Minister deploys 5 Central teams of pediatricians and paramedics to further strengthen management of / cases in .
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA)
लोगों ने नीतीश वापस जाओ के नारे भी लगाए. अस्पताल में सीएम और डिप्टी सीएम ने मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की. बिहार में चमकी बुखार से हो रही मौतों को लीची से भी जोड़कर देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि खाली पेट लीची खाने से एक विषैला पदार्थ मानव शरीर में जा रहा है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है.
चमकी बुखार से मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. इस पर कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. दो वकीलों ने इस मामले में कोर्ट में याचिका दाखिल की है. अर्जी में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकार को 500 आईसीयू बनाने का आदेश दिया जाए, मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए और 100 मोबाइल आईसीयू मुजफ्फरपुर भेजे जाएं.