scorecardresearch
 

Omicron के बीच कोविड-19 के इलाज के लिए WHO ने बताई 2 नई दवाएं, जानें कितनी असरदार

Omicron cases in India: पीयर रिव्यू जर्नल बीएमजे में हेल्थ बॉडी के एक्सपर्ट्स ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के लिए कॉर्टिकॉस्ट्रॉयड्स के साथ बारिसिटिनिब का इस्तेमाल किया जा सकता है. आमतौर पर इस दवा का इस्तेमाल आर्थराइटिस के इलाज में किया जाता है.

Omicron के बीच कोविड-19 के इलाज के लिए WHO ने बताए 2 नई दवाओं के नाम, जानें कितनी असरदार (Representative Image) Omicron के बीच कोविड-19 के इलाज के लिए WHO ने बताए 2 नई दवाओं के नाम, जानें कितनी असरदार (Representative Image)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • WHO ने कोविड-19 के इलाज के लिए की 2 नई दवाओं की सिफारिश
  • वेंटिलेंटर पर जाने का खतरा कर सकती है कम

Omicron cases in India: कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को कोविड-19 के इलाज के लिए दो नई दवाओं की सिफारिश की है. इन दो नई दवाओं के नाम हैं- बारिसिटिनिब और कासिरिविमैब-इमदिविमैब. पीयर रिव्यू जर्नल बीएमजे में हेल्थ बॉडी के एक्सपर्ट्स ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के लिए कॉर्टिकोस्ट्रॉयड्स के साथ बारिसिटिनिब का इस्तेमाल किया जा सकता है. आमतौर पर इस दवा का इस्तेमाल आर्थराइटिस के इलाज में किया जाता है.

WHO का कहना है कि यह दवा वेंटिलेंटर की जरूरत को कम कर देती है और बिना किसी साइड इफेक्ट के मरीज की जान का जोखिम कम कर सकती है. इसका असर आर्थराइटिस की एक अन्य दवा इंटरल्यूकिन-6 (IL-6) के समान होता है. अगर आपके पास दोनों दवाओं के विकल्प मौजूद हैं तो कीमत, उपलब्धता और क्लीनिशियन एक्सपीरिएंस के आधार पर दवा खरीदें. एक समय पर दोनों दवाएं लेने की गलती ना करें.

WHO ने इस गाइडलाइन अपडेट में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी सोट्रोविमैब की भी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए इस्तेमाल की सिफारिश की है. इसे कम गंभीर इंफेक्शन, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के ज्यादा जोखिम वाले मरीजों को दिया जा सकता है. WHO ने एक अन्य मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दवा कैसिरिविमैब-इमदिविमैब के लिए भी इसी तरह की सिफारिश की है.

हालांकि WHO की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी इलाज की सिफारिश के लिए पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं था और हेल्थ बॉडी ने यह भी स्वीकार किया कि ओमिक्रॉन जैसे नए वैरिएंट के खिलाफ इसकी प्रभावशीलता की जानकारी फिलहाल नहीं है. मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का पर्याप्त डेटा मिलते ही इसकी गाइडलाइन अपडेट की जाएगी.

WHO की ये सिफारिशें 4,000 सामान्य, कम गंभीर और ज्यादा गंभीर संक्रमित मरीजों पर हुए सात ट्रायल्स में मिले साक्ष्यों पर आधारित है. ये सभी मरीज एक लिविंग गाइडलाइन का हिस्सा हैं जिसे WHO ने मेथोडोलॉजिकल सपोर्ट ऑफ मैजिक एविडेंस इकोसिस्टम फाउंडेशन के साथ मिलकर विकसित किया है. ताकि कोविड-19 मैनेमजमेंट के लिए भरोसेमंद दिशा-निर्देश दिए जा सकें और मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स भी बेहतर निर्णय ले पाएं.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×