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फैक्ट चेक: अखिलेश ने अपर्णा यादव को नहीं कहा ‘विभीषण’, फर्जी है ये ट्वीट

सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के नाम पर एक कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल है जिसके जरिये दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भाजपा में शामिल हुई अपर्णा यादव को ‘विभीषण’ कहा है.

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अखिलेश ने अपर्णा यादव को नहीं कहा ‘विभीषण’ अखिलेश ने अपर्णा यादव को नहीं कहा ‘विभीषण’

सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के नाम पर एक कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल है जिसके जरिये दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भाजपा में शामिल हुई अपर्णा यादव को ‘विभीषण’ कहा है.

इस स्क्रीनशॉट में लिखा है, “BJP को लगता है कि वो हमारी ‘बहू’ को अपने पाले में लेकर हमे हरा देंगे लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि ‘रावण’ को विभीषण एक ही बार मरवा सकता है, हर बार नही. बेशक हम यदुवंशी हैं लेकिन रामायण हमने भी कई बार पढ़ी है. हमारी नाभि में अमृत कहाँ छिपा है ये आज के ‘विभीषण’ को भी नही पता.” इसमें 19 जनवरी, 2022 तारीख भी लिखी है.

हालांकि ट्वीट में कहीं भी अपर्णा यादव का जिक्र नहीं किया गया है. लेकिन ‘बहू’ और ‘विभीषण’ जैसे शब्दों का प्रयोग अपर्णा के लिए ही किया गया है, यह बिल्कुल साफ है. इस कथित ट्वीट के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए () एक यूजर ने लिखा, “नफरत नफरत में अखिलेश यादव उर्फ टोंटी ने अपने आप को रावण मान ही लिया! विनाश काले विपरीत बुद्धि.”  

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ट्वीट फर्जी तरीके से बनाया गया था.

बहुत सारे लोग इस ट्वीट को अखिलेश यादव का असली ट्वीट समझ रहे हैं.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

अगर अखिलेश यादव ने सचमुच अपर्णा के बारे में ऐसी कोई बात कही होती, तो इसे लेकर मीडिया में हर जगह खबर छपी होती. लेकिन हमें इस तरह की कोई रिपोर्ट नहीं मिली.

ध्यान से देखने पर हमें पता चला कि वायरल ट्वीट जिस @akhileshyadav ट्विटर हैंडल से किया गया है, जबकि अखिलेश का आधिकारिक ट्विटर हैंडल @yadavakhilesh है. जब हमने @akhileshyadav ट्विटर हैंडल सर्च किया तो पता चला कि इसे ट्विटर ने पहले ही सस्पेंड कर दिया था.

अखिलेश यादव के ट्विटर हैंडल से किए गए हालिया ट्वीट्स खंगालने पर हमने पाया कि 19 जनवरी को अखिलेश ने सिर्फ एक ही ट्वीट किया था. इसमें उन्होंने समाजवादी पेंशन को तीन गुना बढ़ाने का वादा किया था. अपर्णा यादव को लेकर उन्होंने कोई भी ट्वीट नहीं किया था.    

 

वायरल ट्वीट में ‘हमें’ और ‘नहीं’ की जगह ‘हमे’ और ‘नही’ लिखा हुआ है. पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव के आधिकारिक हैंडल के ट्वीट्स में इस तरह की गलतियां होना असंभव तो नहीं है. लेकिन इसकी संभावना काफी कम है.

वेब पेज आर्काइव करने वाली वेबसाइट वेबैक मशीन पर भी हमें 19 जनवरी, 2022 को किया गया अखिलेश यादव का ऐसा कोई ट्वीट नहीं मिला जिसमें अपर्णा यादव का जिक्र हो.

हमने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह यादव से संपर्क किया. उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की कि ये ट्वीट अखिलेश यादव के अकाउंट से नहीं​ किया गया था.

अपर्णा के बीजेपी में जाने पर अखिलेश ने क्या कहा था?

19 जनवरी को अखिलेश यादव ने अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल होने को लेकर बयान दिया था, “अपर्णा जी के बीजेपी में जाने की हमें खुशी है, क्योंकि समाजवादी विचारधारा का विस्तार हो रहा है. मुझे उम्मीद है कि हमारी विचारधारा वहां भी पहुंचकर संविधान और लोकतंत्र को बचाने का काम करेगी. नेता जी (मुलायम सिंह) ने बहुत कोशिश की समझाने की.”

जाहिर है कि अपर्णा यादव को लेकर फर्जी तरीके से बनाया गया एक ट्वीट यूपी सीएम अखिलेश यादव के नाम पर वायरल हो रहा है.

ऋद्धीश दत्ता के इनपुट के साथ

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक ट्वीट के जरिये कहा है कि भाजपा भले ही सपा की “बहू” को ले गई हो, पर वो सपा को नहीं हरा पाएगी.

निष्कर्ष

अखिलेश यादव के नाम पर वायरल ट्वीट फर्जी तरीके से बनाया गया था. अखिलेश ने अपर्णा यादव के बारे में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

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