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फैक्ट चेक: गन्ने का रस बेचने वाले की मशीन जब्त करने की ये घटना जयपुर या इंदौर में नहीं, नोएडा में हुई थी

वीडियो में देखा जा सकता है कि गन्ने का रस बेचने वाला शख्स अधिकारियों के आगे हाथ जोड़ रहा है. साथ ही, पास में खड़े किसी शख्स से कह रहा है कि मेरी मशीन छुड़वा दीजिए. इसके बाद भी अधिकारी उस गरीब पर कोई रियायत नहीं करते.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये घटना राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुई थी जहां सरकारी अधिकारियों ने सतीश गुर्जर नामक गन्ने का रस बेचने वाले एक गरीब व्यक्ति का कोल्हू जब्त कर लिया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये जयपुर की नहीं, यूपी के शहर नोएडा की घटना है.

गन्ने का रस बेचने वाले एक शख्स की कोल्हू मशीन ( गन्ने का रस निकालने वाली मशीन ) जब्त होने और इस पर उसके रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है.

वीडियो में गन्ने का रस बेचने वाला व्यक्ति अधिकारियों के आगे हाथ जोड़ रहा है, उनके पैर भी छू रहा है. साथ ही, किसी से कह रहा है कि सर, मेरी मशीन छुड़वा दीजिए. एक व्यक्ति अधिकारियों से सवाल करता है कि क्या आपको सिर्फ गरीब लोग ही मिलते हैं? इसके बाद भी अधिकारी कोई मुरव्वत नहीं करते.

सरकारी अधिकारी बुलडोजर की मदद से गन्ने का रस निकालने वाली कोल्हू मशीन को डंपर में जोर से पटक देते हैं जिससे बहुत तेज आवाज होती है. ये देखकर मशीन का मालिक रोने लगता है और कहता है कि मेरी मशीन टूट गई.

इस वीडियो को कुछ लोग राजस्थान की राजधानी जयपुर  का, तो कुछ मध्य प्रदेश के शहर इंदौर का बता रहे हैं.

इसे पोस्ट करते हुए एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “यह पोस्ट जयपुर की है और यहां बेचारे सतीश भाई अपना धंधा पानी चला रहे थे गन्ना मशीन के द्वारा और इस अधिकारी ने उनकी मशीन को उठवा कर कचरा गाड़ी में फिकवा दिया है इसलिए इस (मूर्ख) अधिकारी को निलंबित करवाने में मदद करें इस पोस्ट को अधिक से अधिक भेजें ताकि यह निलंबित हो जाए.”

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हमने पाया कि ये वीडियो न तो जयपुर, का है और न ही इंदौर का है. ये घटना 23 मार्च, 2022 को उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में हुई थी. ये वीडियो काफी वायरल हुआ था और लोगों ने सवाल उठाया था कि आखिर बाबा ( सीएम योगी आदित्यनाथ ) का बुलडोजर गरीबों पर ही क्यों चलता है. घटना के अगले ही दिन गन्ने का रस बेचने वाले सतीश गुर्जर नामक इस शख्स का कोल्हू वापस कर दिया गया था और उसे नोएडा सेक्टर-50 के अधिकृत वेंडिंग जोन में दुकान लगाने की जगह भी दे दी गई थी.  

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वायरल फोटो में गौर से देखने पर इसमें एक स्कूटर देखा जा सकता है जिसकी नंबर प्लेट में ‘UP’ लिखा हुआ है. साथ ही, एक जगह ‘NOIDA’ भी लिखा है. इससे हमें लगा कि ये वीडियो यूपी के नोएडा शहर का हो सकता है.  

इसके बाद हमने इनविड टूल की मदद से इस वीडियो के कीफ्रेम्स निकाले और उन्हें रिवर्स सर्च किया. ऐसा करने से हमें ये वीडियो कांग्रेस नेता केशव चंद्र यादव के एक ट्वीट में मिला. यहां पर बताया गया है कि ये घटना नोएडा के सेक्टर 42 की है.

खोजने पर हमें इस घटना से जुड़ी  कई न्यूज रिपोर्ट्स  मिलीं.

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इस घटना का वीडियो फिल्म मेकर और पत्रकार विनोद कापड़ी ने ट्विटर पर पोस्ट किया था, जिसके बाद ये वायरल हो गया था. कई लोग गन्ने का रस बेचने वाले सतीश की मदद के लिए आगे आए थे. साथ ही, कई लोगों ने यूपी की बीजेपी सरकार पर निशाना भी साधा था.

अगले ही दिन नोएडा अथॉरिटी ने सतीश गुर्जर का दूसरा वीडियो ट्वीट किया था. इस वीडियो में सतीश बताता है कि उसे उसका कोल्हू वापस कर दिया गया है जो एकदम सही-सलामत है. साथ ही, उसे नोएडा सेक्टर-50 के अधिकृत वेंडिंग जोन में जगह भी दे दी गई है. सतीश यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया भी अदा करता है और स्वीकारता है कि वो ‘नॉन वेंडिंग जोन’ में बिना किसी वैध वेंडिंग लाइसेंस के गन्ने का रस बेच रहा था.

 

जाहिर है कि यूपी के एक मामले को राजस्थान और मध्य प्रदेश का बताते हुए भ्रम फैलाया जा रहा है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
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