कांग्रेस पार्टी ने जब से 2024 लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है, उस पर ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तमाम भाषणों में कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र को निशाना बना रहे हैं. बीजेपी के मुख्यमंत्रियों से लेकर तमाम वरिष्ठ नेता इस ‘विवादास्पद’ घोषणापत्र के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं.
कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी का घोषणापत्र अगर सचमुच लागू हो गया तो हिन्दू महिलाओं का मंगलसूत्र छीन कर मुसलमानों में बांट दिया जाएगा, देश में शरिया कानून लागू होगा और मुसलमानों को विशेष आरक्षण भी दिया जाएगा.
ऐसे कुछ दावों को यहां, यहां, यहां और यहां देखे जा सकते हैं. इन पोस्ट्स के आर्काइव्ड वर्जन यहां, यहां, यहां, और यहां देखे जा सकते हैं.
आजतक फैक्ट चेक ने कांग्रेस के घोषणापत्र को पढ़ा और इस बात की जांच की कि इन दावों के बारे में दरअसल घोषणापत्र में क्या लिखा है. हमने पाया कि घोषणापत्र में कुछ मुद्दों के बारे में एक से ज्यादा बार जिक्र आता है. जहां पर ऐसा है, वहां हमने घोषणापत्र से उन्हीं पंक्तियों को चुना है जो इन दावों और आरोपों के सबसे करीब हैं. कुछ मुद्दों पर घोषणापत्र की भाषा ऐसी है जिसमें कई बातें समाहित हैं और लोग इनका अर्थ अपने हिसाब से निकाल सकते हैं.
गौर करने की बात ये है कि पूरे घोषणापत्र में कहीं भी ‘मुस्लिम’ , ‘इस्लाम’ और ‘शरिया’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है. हालांकि घोषणापत्र में कई बार ‘अल्पसंख्यक’ शब्द जरूर आता है, जिसमें भारत के मुसलमान भी शामिल हैं.
आप कांग्रेस का घोषणापत्र हिन्दी में यहां और अंग्रेजी में यहां पढ़ सकते हैं.




