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फैक्ट चेक: खून से लथपथ शवों के इस दिल दहलाने वाले वीडियो का यूपी से नहीं है कोई कनेक्शन

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमेें दावा किया जा रहा है कि तंगी से आकर एक कानपुर के रहने वाले शख्स ने पत्नी समेत अपने सात बच्चों को मार डालता है. आजतक की फैक्ट चेक टीम ने जब इस वीडियो पड़ताल की तो सच्चाई कुछ और ही निकला.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कानपुर, यूपी के कल्याणपुर इलाके में एक ही परिवार के आठ लोगों की हत्या हो गई. 
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ जिले की घटना है, जहां अप्रैल 2024 में एक शख्स ने गरीबी से तंग आकर पत्नी समेत अपने सात बच्चों को मार डाला था. 

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के नाम पर खून से लथपथ शवों का एक भयावह वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें किसी घर के अंदर चारपाई पर एक आदमी लेटा हुआ है. आदमी के बगल में एक छोटा बच्चा लेटा है, जिसके गले से खून बह रहा है. नीचे जमीन पर भी कई सारे बच्चों और एक महिला का खून से लथपथ शरीर दिखाई दे रहा है. वीडियो में कुछ महिलाओं के रोने की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं. 

कुछ लोग इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का बता रहे हैं. लोगों के मुताबिक चोरी करने के इरादे से घर में घुसे एक व्यक्ति ने इस पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया. वहीं, कुछ अन्य लोग इसे कानपुर जिले के कल्याणपुर में हुई हत्या का वीडियो बता रहे हैं. 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो का यूपी के किसी जिले से कोई लेना-देना नहीं है. दरअसल, ये पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ जिले की घटना है, जहां अप्रैल 2024 में एक शख्स ने गरीबी से तंग आकर पत्नी समेत अपने सात बच्चों को मार डाला था. 

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये वीडियो अप्रैल 2024 के एक X पोस्ट में मिला. यहां उर्दू में बताया गया है कि अलीपुर में एक आदमी ने अपनी पत्नी और सात बच्चों पर कुल्हाड़ी से हमला करके उन्हें मार डाला. 

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हमें इस घटना से संबंधित कुछ अन्य न्यूज रिपोर्ट्स भी मिलीं. इनके मुताबिक ये घटना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुजफ्फरगढ़ जिले की है. दरअसल, वहां अलीपुर तहसील में सज्जाद नाम के एक शख्स ने अपनी पत्नी और सात बच्चों का गला काटकर उनका खून कर दिया था. मरने वालों में 40-वर्षीय कौसर माई, 8-वर्षीय अनसा, 7-वर्षीय कंजा, 6-वर्षीय रमशा, 4-वर्षीय मेहनाज, 2-वर्षीय अनस, 3-वर्षीय सुभान और 6 महीने का मुन्जा शामिल थे. 

तब, पुलिस ने हथियार बरामद करते हुए सज्जाद को घटनास्थल से गिरफ्तार किया था. सज्जाद  एक पैर से विकलांग था और बतौर दर्जी काम करता था. खबरों में ये भी बताया गया है कि सज्जाद मानसिक तौर पर बीमार था और गरीबी से परेशान होकर उसने ये कदम उठाया था.

बता दें कि यूपी पुलिस ने भी 21 जुलाई को X पर एक पोस्ट करते हुए इस वीडियो का खंडन किया था. पोस्ट के मुताबिक मुजफ्फरनगर के कुछ लोगों ने पाकिस्तान के इस वीडियो को यूपी के मुरादाबाद का बता कर शेयर किया था.   

साफ है, पाकिस्तान में साल भर पहले हुई एक घटना को यूपी के अलग-अलग जिलों का बताकर पेश किया जा रहा है. 

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