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फैक्ट चेक - नूपुर शर्मा पर मचे बवाल में नहीं कूदे हैं फ्रांस और इजराइल जैसे देश

अब कुछ लोग सोशल मीडिया पर अचानक ये दावा करने लगे हैं कि मुस्लिम देशों के साथ तनाव के बीच फ्रांस, इजरायल, नीदरलैंड और रूस सहित 34 देश नूपुर का पक्ष लेते हुए भारत के समर्थन में उतर आए हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
पैगंबर मुहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर दुनिया के 34 देशों ने भारत का समर्थन किया है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
9 जून तक इस मामले को लेकर किसी देश ने भारत का समर्थन करने की बात नहीं कही है. डच सांसद गिर्ट विल्डर्स ने जरूर नूपुर और भारत के पक्ष में बयान दिया है.

पैगंबर मुहम्मद के बारे में नूपुर शर्मा के विवादास्पद बयान के बाद दुनिया के तमाम मुस्लिम देश भारत के खिलाफ एक सुर में बोलने लगे और हमें कई  देशों को सफाई देनी पड़ी.   बवाल बढ़ने पर नूपुर को छह साल के लिए बीजेपी से सस्पेंड कर दिया गया.  भारत ने सभी देशों से कहा कि वो हर धर्म का सम्मान करता है और किसी  एकाध साधारण व्यक्ति के गैरजिम्मेदाराना बयान को भारत का  स्टैंड नहीं मानाजाना चाहिए. भारत ने के बयान को खारिज करते हुए कहा कि भारत कि  खिलाफ उनकी बयानबाजी गैर जरूरी है और छोटी सोच को दिखाता है. लेकिन इस बीच अब कुछ लोग सोशल मीडिया पर अचानक ये दावा करने लगे हैं कि मुस्लिम देशों के साथ तनाव के बीच फ्रांस, इजरायल, नीदरलैंड और रूससहित 34 देश  नूपुर का पक्ष लेते हुए भारत के समर्थन में उतर आए हैं.  एक ट्विटर यूजर ने लिखा,“रूस, नेदरलैंड, फ्रांस और इजरायल सहित दुनिया के 34 देश नूपुर शर्मा और भारत के समर्थन में उतरे. #जय_श्री_राम  #पैगंबरमोहम्मद”.  

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि 34 देशों के भारत के समर्थन में उतर आने की बात मनगढ़ंत है. भारत और मुस्लिम देशों के साथ इस तनातनी में अभी तककिसी और देश ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया है. इस मुद्दे नूपुर शर्मा के पक्ष में बोलने वाले एकमात्र विदेशी नेता डच सांसद गिर्ट विल्डर्स  हैं  कहीं नहीं छपी है 34 देशों के समर्थन की बात   अगर  इतने देशों ने सच में नूपुर शर्मा विवाद पर उनका या भारत का पक्ष लियाहोता तो पक्के तौर पर इसे लेकर तमाम खबरें छपती. लेकिन हमें कहीं भी इस तरह की कोई खबर नहीं मिली.   हमने भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट और उसके सोशल मीडिया   हैंडल्स को को भी ठीक से देखा. वहां भी इस किस्म की कोई जानकारी हमें  नहीं मिली.   जिन देशों ने इस मामले को लेकर आपत्ति जाहिर की है, भारतीय विदेश  मंत्रालय ने उनमें से कई का जवाब देते हुए कहा है कि भारत सभी धर्मों का  सम्मान करता है और पैगंबर मुहम्मद से जुड़े जिन बयानों को लेकर विवाद हुआहै, वो उन नेताओं की निजी राय है, न कि भारत सरकार की. बयान देने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन भी लिया जा चुका है.   वायरल पोस्ट में लिखा है कि नीदरलैंडफ्रांसइजरायल और रूस इस मसलेपर भारत का समर्थन करने वाले 34 देशों में शामिल हैं.  कौन हैं नूपुर का समर्थन करने वाले डच सांसद गिर्ट?   इस मामले को लेकर नूपुर शर्मा और भारत का समर्थन करने वाले गिर्ट विल्डर्स नीदरलैंड के विपक्षी नेता और सांसद हैं.   6 जून को उन्होंने एक ट्वीट के जरिये कहा कि नूपुर शर्मा ने पैगंबर मुहम्मद के बारे में जो बोला है, वो एकदम सच है. ये बात हास्यास्पद है कि अरब और  इस्लामिक देश सच सुनकर नाराज हो गए हैं. भारत को माफी मांगने की जरूरत नहीं है.  

    गिर्ट, नीदरलैंड के तीसरे सबसे बड़े राजनीतिक दल ‘पार्टी फॉर फ्रीडम’ के  संस्थापक हैं. वो एक दक्षिणपंथी नेता माने जाते हैं जो कई बार इस्लाम की  आलोचना कर चुके हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक वो नीदरलैंड में कुरान पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठा चुके हैं. हालांकि खबर छपने के बाद नीदरलैंड विदेश मंत्रालय ने हमारे ईमेल के जवाब में बताया कि डच सरकार का इस विवाद से कुछ लेना-देना नहीं है. जाहिर है, मौजूदा नूपुर शर्मा मसले पर 34 देशों के भारत को समर्थन की बात  पूरी तरह से मनगढ़ंत है.

 

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