कुछ वेबसाइट और फेसबुक यूजर्स ने एक लेख पोस्ट किया है. इस लेख में दावा किया गया है कि न्यूयॉर्क शहर में एक रेस्त्रां को अपने मेनू में मानव मांस को सर्व करने का लाइसेंस मिला है. लेख में कहा गया है, 'स्किन (SKIN) नाम के रेस्त्रां को मानव भक्षण (Cannibalism) के खिलाफ कानूनों पर राज्य और संघ सरकारों को पेटीशन दिए जाने के बाद लाइसेंस मिला है.'
लेख में ‘स्किन’ के मालिक मारियो डॉर्सी को ये कहते उद्धृत किया गया है- 'प्रजाति के नाते हम फूड चेन के टॉप पर हैं, सिर्फ एक ही गोश्त का सामना करना रह गया है और वो है अन्य मानवों का.' मिशेलिन के 4-स्टार शेफ डॉर्सी के हवाले से ही लेख में ये भी कहा गया है- 'हमने अपने रेस्त्रां में मानव मांस परोसने लायक स्थिति में पहुंचने के लिए लंबी और मुश्किल लड़ाई लड़ी और सरकार ने आख़िरकार माना कि हम सही थे.'
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में इस लेख को अफवाह पाया. 2016 में मूल रूप से लेख को प्रकाशित करने वाली वेबसाइट का दावा है कि वो व्यंग्य और हास्य से जुड़े लेख प्रकाशित करती है. कई फेसबुक यूज़र्स ने इस वायरल लेख को पोस्ट किया. लोगों ने इस तरह के वीभत्स दावे पर हैरानी जताई और कुछ ने सच मानना भी शुरू कर दिया.
लेख को प्रकाशित करने वाली कुछ वेबसाइट्स में शामिल मनोरंजन वेबसाइट 'elitenewspress.com ' ने मूल स्टोरी के URL लिंक का भी जिक्र किया.
मनोरंजन वेबसाइट 'empirenews.net ' ने 15 मार्च 2016 को मूल रूप से इस लेख को प्रकाशित किया. लेख का शीर्षक दिया गया- 'न्यूयॉर्क सिटी का रेस्त्रां मानव मांस को सर्व करने के लिए पहला लाइसेंसधारी.'
'Empirenews ' वेबसाइट पर डिस्क्लेमर
सेक्शन में साफ किया गया है कि उस पर काल्पनिक और सटायरिकल (व्यंग्य) स्टोरी प्रकाशित की जाती हैं. इसमें कहा गया है- 'एम्पायर न्यूज सिर्फ मनोरंजन से जुड़े उद्देश्यों के लिए है. हमारी वेबसाइट और सोशल मीडिया कंटेंट सिर्फ काल्पनिक नामों का इस्तेमाल करता है, सिर्फ पैरोडी या सटायर करते वक्त सार्वजनिक हस्ती या सेलेब्रिटी के मामलों को छोड़कर. इसके अलावा किसी भी वास्तविक नाम का इस्तेमाल आकस्मिक और संयोगवश है.'
लेकिन इस तरह का डिस्क्लेमर उन अन्य वेबसाइट्स में आसानी से उपलब्ध नहीं हुआ जिन्होंने इस वायरल लेख को प्रकाशित किया. ऐसे में साफ है कि न्यूयॉर्क सिटी को मानव मांस सर्व करने का लाइसेंस मिलने का दावा करने वाला वायरल लेख असल तथ्यों से काफी दूर है. वास्तव में ये लेख सटायर है जिसे मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया.
इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग वेबसाइट 'Snopes' पहले ही इस संबंध में लेख प्रकाशित कर चुकी है.