scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: हैदराबाद के CAA विरोधी प्रदर्शन का वीडियो असम NRC से जोड़कर वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि असम में NRC लागू हो जाने के बाद पुलिस लोगों को घर से उठाना शुरू कर चुकी है. डेढ़ मिनट के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि इस्लामिक नारे लगा रहे कुछ लोगों को पुलिस गाड़ी में जबरन चढ़ा रही है. वीडियो में एक जगह पुलिस कुछ महिलाओं को भी जबरन बस में चढ़ाती हुई देखी जा सकती है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
असम में NRC लागू होने के चलते लोगों को घर से उठाया जा रहा है.
फेसबुक यूजर
सच्चाई
वीडियो असम का नहीं, बल्कि हैदराबाद का है जहां CAA के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि असम में NRC लागू हो जाने के बाद पुलिस लोगों को घर से उठाना शुरू कर चुकी है. डेढ़ मिनट के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि इस्लामिक नारे लगा रहे कुछ लोगों को पुलिस गाड़ी में जबरन चढ़ा रही है. वीडियो में एक जगह पुलिस कुछ महिलाओं को भी जबरन बस में चढ़ाती हुई देखी जा सकती है.

वीडियो से जुड़े कैप्शन में लिखा है- "#Urgent. #Urgent #Urgent असम में NRC लागू, लोगों को घरों से उठाना शुरू हो चुका है, न्यूज (news) वाले आपको ये नही दिखाएगी, क्यों कि वो बिक चुकी है, अब हमारी और आपकी जिम्मेदारी है, इस वीडियो (video) को ज्यादा से ज्यादा शेयर (share) करने की।"

Advertisement

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा झूठा है. वायरल वीडियो हैदराबाद में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन का है. असम NRC से इस वीडियो का कोई लेना-देना नहीं है.

सहित कई फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया है.

hyd_2_010420111328.jpg

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.

AFWA की पड़ताल

वीडियो में किसी 'AZAD REPORTER' का लोगो और वॉटरमार्क नजर आ रहा है. फेसबुक पर AZAD REPORTER को सर्च करने पर हमें  नाम का एक फेसबुक पेज मिला, जिस पर वायरल वीडियो 19 दिसंबर, 2019 को अपलोड हुआ था. इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है, ‘हैदराबाद एग्जिबिशन ग्राउंड में जो भी प्रदर्शन में शरीक हो रहे हैं, पुलिस उनको हिरासत में ले रही है।’

खबर की पुष्टि करने के लिए हमने इस पेज को चलाने वाले शख्स से संपर्क किया. यह फेसबुक पेज अबू ऐमल नाम के एक स्थानीय पत्रकार की ओर से चलाया जा रहा है, जिन्हें स्थानीय लोग 'आजाद रिपोर्टर' नाम से जानते हैं.

अबू ने हमें बताया कि 19 दिसंबर 2019 को कम्युनिस्ट पार्टी ने हैदराबाद पुलिस के मना करने के बावजूद, CAA के विरोध में एक जनसभा बुलाई थी. पुलिस की बात न मानने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि, हिरासत में लेने के कुछ घंटों बाद ही प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रिहा कर दिया था. अबू के मुताबिक ये वीडियो हैदराबाद स्थित एग्जिबिशन ग्राउंड के आस- पास का है.

Advertisement

इसी तरह का 8 मिनट लंबा एक वीडियो हमें नाम के एक यूट्यूब चैनल पर भी मिला, जिसमें वायरल वीडियो का एक पार्ट देखा जा सकता है. इस चैनल के मुताबिक भी ये वीडियो हैदरबाद में CAA को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन का है.

वीडियो को ध्यान से देखने पर हमने ये भी पाया कि पुलिसकर्मियों की वर्दी पर तेलंगाना स्टेट पुलिस “TSP” के बैज लगे हुए हैं.

fact_check_caa_010420111741.jpg

हैदराबाद में CAA को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर हमें की एक रिपोर्ट भी मिली. रिपोर्ट के मुताबिक 19 दिसंबर 2019 को हैदराबाद के एग्जिबिशन ग्राउंड में CAA के खिलाफ विरोध- प्रदर्शन करने आए लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था. इस प्रदर्शन में हैदराबाद यूनिवर्सिटी के कई स्टूडेंट्स भी शामिल थे.

AFWA ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा वीडियो हैदराबाद में हुए CAA के खिलाफ प्रदर्शन का है. असम NRC से इस वीडियो का कोई लेना- लेना नहीं है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement