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फैक्ट चेक: लद्दाख सीमा पर चीनी बंकर ढहाने का नहीं, उत्तराखंड में रेस्क्यू ऑपरेशन का है ये वायरल वीडियो

भारत और चीन की सेनाओं के बीच नौ महीने तक चले गतिरोध के बाद 11 फरवरी को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की कि लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील इलाके में दोनों सेनाओं के पीछे हटने पर सहमति बनी है. इस सहमति के मुताबिक, दोनों पक्ष "समन्वय के साथ चरणबद्ध तरीके से" सैनिकों की तैनाती को घटाएंगे.

सोशल मीडिया में वायरल पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल पोस्ट

भारत और चीन की सेनाओं के बीच नौ महीने तक चले गतिरोध के बाद 11 फरवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की थी कि लद्दाख के पैंगोंग झील इलाके में दोनों सेनाओं के पीछे हटने पर सहमति बनी है. इस सहमति के मुताबिक, दोनों पक्ष "समन्वय के साथ चरणबद्ध तरीके से" सैनिकों की तैनाती को घटाएंगे.

इस घोषणा के बाद 16 फरवरी को भारतीय सेना ने कुछ फोटो और वीडियो रिलीज किए जिसमें दिखाया गया कि चीन की सेना पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षि‍णी किनारे से अपने बंकर, टेंट और संसाधन हटा रही है. 

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक मिनट का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना पैंगोंग झील के किनारे से चीनी बंकरों को ध्वस्त कर रही है. वीडियो में देखा जा सकता है कि दो जेसीबी मशीनें ठोस मलबा हटा रही हैं, जबकि कुछ लोग वर्दी में और कुछ नारंगी जैकेट और हेलमेट में इस ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं.

इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है, “जो सोचे, जो चाहे वो करके दिखा दें हम वो हैं जो दो और दो पाँच बना दें... पांगोंग झील से 150 चीनी टैंक और लगभग 5,000 चीनी सैनिकों के भागने के पश्चात....भारतीय सेना ने जेसीबी से सभी चीनी बंकर ध्वस्त कर दिए ....!”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो उत्तराखंड में चमोली जिले के रैणी गांव में चलाए गए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का है. चमोली में 7 फरवरी 2021 को ग्लेशि‍यर फटने से कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए थे.

ऐसी कुछ पोस्ट के आर्काइव यहां, यहां और यहां देखे जा सकते हैं.   

AFWA की पड़ताल

सूत्रों के मुताबिक, पैंगोंग त्सो में भारत और चीन के बीच पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें इस इलाके में भारतीय सेना द्वारा चीन के बंकर ढहाने का जिक्र हो.

हमने इस वीडियो के कीफ्रेम्स काटकर सर्च किया तो हमें इस वीडियो का लंबा वर्जन मिला जो न्यूज एजेंसी एएनआई के यूट्यूब चैनल पर 15 फरवरी, 2021 को अपलोड किया गया है. इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है, “चमोली आपदा: 56 शव निकाले गए, बचाव कार्य जारी है.” 

एएनआई के मुताबिक, ये वीडियो उत्तराखंड के चमोली जिले के रैणी गांव का है जहां 15 फरवरी, 2021 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के साथ मिलकर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.

इस वीडियो को 15 फरवरी को ही ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ और ‘इंडिया टीवी’ ने भी प्रकाशि‍त किया है. यहां भी यही बताया गया है कि बाढ़ के बाद उत्तराखंड में बचाव अभि‍यान जारी है.

उत्तराखंड के चमोली में 7 फरवरी को एक ग्लेशियर फटने की वजह से बाढ़ आ गई थी. इस दौरान दो पॉवर प्रोजेक्ट को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा और कई मजदूर सुरंग में फंस गए थे. ताजा खबरों के मुताबिक, यहां पर चलाए गए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में 61 शव और 28 शरीर के टुकड़े निकाले गए हैं.

वीडि‍यो की पु‍ष्टि के लिए AFWA ने वायरल वीडियो को इंडिया टुडे के उत्तराखंड ब्यूरो को भी भेजा. चमोली के हमारे स्थानीय संवाददाता ने बताया कि ये वीडियो चमोली के रैणी गांव में ऋषि गंगा पॉवर प्रोजेक्ट साइट का है. उन्होंने ये भी बताया कि वीडियो में नारंगी जैकेट में दिख रहे लोग आईटीबीपी की 8वीं बटालियन के जवान हैं. 

पड़ताल से साफ है कि ये वायरल वीडियो भारत चीन सीमा पर भारतीय सेना के ऑपरेशन का नहीं, बल्कि उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा के बाद चलाए गए राहत और बचाव अभि‍यान का है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

ये वीडियो लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील इलाके का है जहां भारतीय सेना चीनी बंकरों को ध्वस्त कर रही है.

निष्कर्ष

ये वीडियो में उत्तराखंड के चमोली जिले के रैणी गांव का है. चमोली में 7 फरवरी 2021 को ग्लेशि‍यर फटने की वजह से बाढ़ आई थी जिसके बाद वहां बचाव अभि‍यान चलाया गया था.

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