सोशल मीडिया पर एक घायल पुजारी की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें पुजारी के सिर और चेहरे से खून बह रहा है. तस्वीरों के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित इमलीतला मठ के पुजारी पर कुछ गुंडों ने हमला किया जिनमें बांग्लादेशी भी शामिल हैं. दावा यह भी है कि पुलिस इस मामले को दबा रही है.
तस्वीरों के साथ कैप्शन में लिखा है, “वृंदावन के पुजारी पर क्रूर हमला: यूपी के वृंदावन में इमलीतला मंदिर के मुख्य पुजारी और वैष्णव संत तमाल कृष्ण दास पर गुंडों ने बेरहमी से हमला किया. बताया जा रहा है कि हमलावरों में से दो बांग्लादेशी हैं, जबकि अन्य बाहरी हैं. सभी हमलावर फरार हैं. मथुरा पुलिस मामले को शांत करने की कोशिश कर रही है. लोगों से अपील है कि इस पोस्ट को जितना संभव हो, उतना शेयर करें.”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि इन तस्वीरों के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. पुलिस के अनुसार, वृंदावन के इमलीतला में गौड़ीय मठ के पुजारी पर हमला साधुओं के अंदरूनी विवाद का नतीजा था और यह घटना सांप्रदायिक नहीं है.
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. यह पोस्ट फेसबुक और ट्विटर पर वायरल हो रही है.
AFWA की पड़ताल
वायरल तस्वीरों में से एक तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें “Sudarshan News” के पत्रकार अंकित त्रिवेदी का एक ट्वीट मिला, जिन्होंने इसी दावे के साथ तस्वीरें पोस्ट की हैं. बाद में मथुरा पुलिस की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया. मथुरा पुलिस ने इस घटना के सांप्रदायिक होने या इसमें बांग्लादेशियों के शामिल होने से इनकार किया.
मथुरा पुलिस ने एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें एक पुलिस इंस्पेक्टर का बयान है. अपने बयान में इंस्पेक्टर कह रहे हैं कि घायल पुजारी की पहचान तमाल कृष्ण दास के रूप में हुई है. वृंदावन में इमलीतला के गौड़िया मठ में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीपी साधु के समर्थकों ने तमाल दास के साथ मारपीट की, नतीजतन तमाल दास को चोटें आई हैं. तमाल कृष्ण दास मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष हैं.थाना वृन्दावन क्षेत्र इमलीतला स्थित गौड़ीय मठ के साधुओँ में आपस में हुयी मारपीट करने वाले मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी व पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा दी गयी बाइट। https://t.co/0GfacYFQjW pic.twitter.com/OBHlzj2JTJ
— MATHURA POLICE (@mathurapolice) May 12, 2020
AFWA ने मथुरा के डीएसपी रमेश तिवारी से संपर्क किया, जिन्होंने हमें बताया कि मंदिर के एक कमरे को खोलने को लेकर विवाद हुआ था. दास ने मठ के कुछ कमरों को बंद किया हुआ था. 11 मई को गार्ड कमरा खोलने आया तो दास ने उसे रोक दिया, इसके बाद बीपी साधु के समर्थकों ने दास पर हमला बोल दिया.
मुख्य आरोपी सच्चिदानंद को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है, जबकि गोविंदा और जगन्नाथ फरार हैं. जब यह मारपीट हुई उस समय बीपी साधु शहर में मौजूद नहीं थे. स्टोरी लिखे जाने तक दास की तरफ से कोई एफआईआर नहीं लिखाई गई है. मथुरा पुलिस ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर वायरल हो रहे दावे का खंडन किया है.
दिनाँक 11.05.2020 को थाना वृन्दावन क्षेत्र में दो साधुओं के मध्य हुये झगड़े के सम्बन्ध में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर चलायी जा रही असत्य खबर के सम्बन्ध में खण्डन । #UPAgainstFakeNews pic.twitter.com/7Du60gjqTm
— MATHURA POLICE (@mathurapolice) May 12, 2020
जाहिर है कि वृंदावन के इमलीतला में मठ के पुजारी तमाल कृष्ण दास को आपसी विवाद में उसी मठ के अन्य साधुओं ने पीटा था. यह घटना सांप्रदायिक नहीं है.