
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक पोस्टकार्ड वायरल हो रहा है. इसमें लिखा है कि जिस-जिस चुनावी साल के आखिर में ‘2’ नंबर होता है, उस साल यूपी में सपा की सरकार बनती है.
पोस्टकार्ड में इस ट्रेंड को उदाहरण के जरिये समझाया भी गया है. ऐसा लिखा है कि 1992, 2002 और 2012 में सपा सत्ता मे आई थी. साथ ही दावा किया गया है कि, अब 2022 में भी समाजवादी पार्टी की ही सरकार बनेगी. क्योंकि इस साल के अंत में भी ‘2’ नंबर है.
एक फेसबुक यूजर ने इस पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए लिखा, “जिस चुनावी वर्ष के आखिरी में 2 रहता है, तब तब सपा सरकार बनाती है.”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि उत्तर प्रदेश में 1992 और 2002 में सपा की सरकार बनने का दावा गलत है. हालांकि, यह बात बिल्कुल सच है कि 2012 में सपा ने यूपी में सरकार बनाई थी.
1992 में यूपी विधानसभा चुनाव हुए ही नहीं थे
कीवर्ड सर्च की मदद से हमने यूपी विधानसभा चुनावों का इतिहास खंगाला. चुनाव आयोग की वेबसाइट से हमें पता चला कि 1992 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नहीं हुए थे. 1991 के बाद सीधे 1993 में चुनाव हुए थे. इसी से साफ हो जाता है कि 1992 में समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने का दावा बेबुनियाद है.

2002 में रही थी कांटे की टक्कर
2002 के यूपी विधानसभा चुनाव में 143 सीटों के साथ सपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी. लेकिन इस साल सपा की नहीं, बल्कि बसपा और भाजपा की मिली-जुली सरकार बनी थी. इस चुनाव में मायावती तीसरी बार यूपी की मुख्यमंत्री बनी थीं.

2012 में छा गई थी साइकिल
2012 का यूपी विधानसभा चुनाव सपा के लिए जीत की सौगात लेकर आया था. इस साल समाजवादी पार्टी ने अपने दम पर बड़ी जीत हासिल की थी. 224 सीटों के साथ समाजवादी पार्टी ने सरकार बनाई थी और अखिलेश यादव सूबे के मुख्यमंत्री बने थे.
सपा ने और कब-कब चखा सत्ता का स्वाद?
अक्टूबर 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन होने के एक साल बाद, यानी 1993 में सपा-बसपा के गठबंधन की सरकार बनी थी. इसके बाद 2003 में दोबारा सपा की सत्ता में वापसी हुई थी और उसी साल अगस्त में तीसरी बार मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी.

कुल मिलाकर ये बात साफ हो जाती है कि चुनावी साल के अंत में ‘2’ अंक होने पर हमेशा सपा की सरकार बनने का दावा भ्रामक है. ऐसा अब तक सिर्फ एक बार, यानी 2012 में हुआ है.
- ऋद्धिश दत्ता के इनपुट के साथ