पूरे देश में जारी नवरात्रि महोत्सव के बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि गुजरात में गरबा देखने गए एक दलित युवक को पीटकर मार डाला गया. बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी इंडिया टुडे का एक लेख शेयर किया जिसमें उसी घटना के बारे में सूचना है, जिसे लेकर पोस्ट वायरल हो रही है.
AFWA की पड़ताल
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह घटना सच है लेकिन दो साल पुरानी है. ऐसा लगता है कि स्वरा भास्कर ने भी अक्टूबर, 2017 के लेख को हाल का समझ कर शेयर किया है.
कई फेसबुक पेज जैसे ‘Indian DemoCrazy’ ने इस पोस्ट को शेयर किया है.
स्वरा भास्कर के ट्वीट को करीब 1500 बार रीट्वीट किया गया और 3700 से ज्यादा लोगों ने लाइक किया. हालांकि, बाद में जब लोगों ने ध्यान दिलाया कि यह घटना पुरानी है तो स्वरा ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने लेख शेयर करते हुए उसकी तारीख नहीं देखी थी. उन्होंने वह ट्वीट डिलीट कर दिया.
क्या थी घटना?Pls note : this is a news article (ironically) from 2nd October 2017.. I hadn’t seen the date when I read the article. My bad! Still pretty shitty though ! Are the perpetrators behind bars??? https://t.co/etjyrBuj7o
— Swara Bhasker (@ReallySwara) October 4, 2019
साधारण कीवर्ड के जरिये ही गूगल सर्च से पता चलता है कि यह घटना दो साल पुरानी है. रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्टूबर, 2017 को गुजरात के आणंद जिले में जयेश सोलंकी नाम का 21 वर्षीय दलित युवक गरबा में शामिल हुआ था. जयेश के उत्सव में शामिल होने को लेकर सवर्ण जाति के कुछ लोगों ने उसे पीटा था जिससे उसकी मौत हो गई थी.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का कहना था कि दलितों को गरबा देखने का कोई अधिकार नहीं है. जयेश और उसके चचेरे भाई को भीड़ ने वहां पीटा था जिसके चलते जयेश की जान चली गई. इस घटना पर कई मीडिया संस्थानों ने उस वक्त खबर भी प्रकाशित की थी. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस मामले में सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.
निष्कर्ष
हमने इंटरनेट खंगाला लेकिन हाल में इस तरह की किसी घटना की कोई खबर नहीं मिली.
इस तरह यह स्पष्ट है कि गुजरात की घटना दो साल पुरानी है जो लोगों को गुमराह करने के लिए वायरल की जा रही है.