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फैक्ट चेक: सुल्तानपुर में पीएम मोदी को काला झंडा दिखाने वाली रीता यादव की हत्या का झूठा दावा वायरल

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा रीता यादव की हत्या का दावा गलत है. लेकिन यह बात सच है कि हाल ही में उन्हें गोली मारी गई थी. हालांकि इलाज के बाद रीता अब बिल्कुल ठीक हैं.

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क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूपी के सुल्तानपुर में काला झंडा दिखाने वाली कांग्रेस नेता रीता यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई है? सोशल मीडिया पर कुछ लोग ऐसा ही दावा कर रहे हैं.

ऐसा कहने वाले लोग एक तस्वीर शेयर कर रहे हैं जिसमें एक महिला किसी अस्पताल के बिस्तर पर लेटी दिख रही है. पास ही कुछ युवक भी खड़े हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि ये सुल्तानपुर की रीता यादव हैं, जिन्होंने पिछले साल पीएम मोदी को एक रैली में काले झंडे दिखाए थे.

मिसाल के तौर पर, एक ट्विटर यूजर ने वायरल तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “सुल्तानपुर रैली में पीएम मोदी को काला झंडा दिखाने वाली महिला रीता यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई. ये तो सिर्फ एक है ना जाने और कितनों का जान जाएगा.”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा रीता यादव की हत्या का दावा गलत है. लेकिन यह बात सच है कि हाल ही में उन्हें गोली मारी गई थी. हालांकि इलाज के बाद रीता अब बिल्कुल ठीक हैं.

कैसे पता की सच्चाई?

कीवर्ड सर्च की मदद से हमें ‘यूपी तक’ की एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 3 जनवरी को रीता यादव पोस्टर-बैनर बनवाने गई थीं और वहां से अपने घर लौट रही थीं. तभी रास्ते में कुछ अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी को रोका और उनके पैर में गोली मार दी. इस रिपोर्ट में कहीं पर भी रीता यादव की मौत का जिक्र नहीं है.

 

रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि पिछले साल 16 नवंबर को पीएम मोदी सुल्तानपुर गए थे. उस वक्त एक जनसभा के दौरान रीता ने उन्हें काला झंडा दिखाया था. ऐसा करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही उन्हें जमानत मिल गई थी.

रीता पहले समाजवादी पार्टी की सदस्य थीं, लेकिन 17 दिसंबर 2021 को वो कांग्रेस में शामिल हो गई थीं.

रीता को गोली मारने की घटना को लेकर कई मीडिया आउटलेट्स ने खबर छापी थी. हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें रीता यादव की मौत का जिक्र हो.

अब कैसी हैं रीता?

रीता यादव को गोली लगने पर उनका इलाज सुल्तानपुर जिला अस्पताल में हुआ था. इस मामले को लेकर और जानकारी पाने के लिए हमने रीता का इलाज करने वाले सुल्तानपुर जिला अस्पताल के डॉक्टर मनीष यादव से संपर्क किया.

डॉक्टर यादव ने ‘आजतक’ को बताता कि रीता अब बिल्कुल ठीक हैं और 6 जनवरी को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.

इस तरह हमारी पड़ताल से यह बात साबित हो जाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल रीता यादव की हत्या का दावा सरासर झूठ है. उन्हें गोली मारी गई थी, पर इलाज के बाद वो ठीक होकर घर लौट गई थीं.

(Riddhish dutta के इनपुट के साथ)

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

सुल्तानपुर, यूपी की रैली में पीएम मोदी को काला झंडा दिखाने वाली महिला रीता यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई.

निष्कर्ष

रीता यादव जिंदा हैं. 3 जनवरी को कुछ बदमाशों ने रीता के पैर में गोली मारी थी. इसके बाद उनका इलाज चला था और 6 जनवरी को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था.

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जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
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