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फैक्ट चेक: मुंबई की अवैध इमारतों और कंगना मामले से जोड़कर वायरल ये तस्वीर है एमपी की

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है. वायरल तस्वीर मुंबई की नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के सागर जिले की है.

मुंबई की अवैध इमारतों और कंगना मामले से जोड़कर वायरल हो रही तस्वीर मुंबई की अवैध इमारतों और कंगना मामले से जोड़कर वायरल हो रही तस्वीर

हाल ही में बीएमसी ने अभिनेत्री कंगना रनौत के ऑफिस के अवैध हिस्से को तोड़ दिया, जिसके बाद से बहुत लोग इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. कहा जा रहा है कि मुंबई में तो और भी बहुत सारी अवैध इमारतें हैं, फिर कंगना के ऑफिस को ही आनन-फानन में क्यों गिराया गया. वहीं बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष इस कार्रवाई को पूरी तरह सही और न्यायसंगत बताया है.

इस बीच सोशल मीडिया पर घनी आबादी वाले इलाके में चौराहे के बीचो-बीच बनी एक मस्जिद की तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर के साथ कहा जा रहा है कि मुंबई में इस तरह की कई अवैध मस्जिदें और मजारें हैं. आखिर इन्हें अब तक क्यों नहीं गिराया गया?

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है. वायरल तस्वीर मुंबई की नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के सागर जिले की है. वायरल तस्वीर के साथ कैप्शन है, “मुंबई में 200 से ज्यादा अवैध मस्जिदें हजारों मजारें सड़कों के बीच बनी हैं! पर BMC को सिर्फ कंगना का ऑफिस अवैध निर्माण लगा!”

वायरल तस्वीर को भाजपा प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने भी एक मिलते-जुलते कैप्शन के साथ फेसबुक पर शेयर किया है. रिटायर्ड आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित ने ट्विटर पर तंज कसते हुए दावा किया है कि ये तस्वीर बांद्रा, मुंबई की है.

दिल्ली भाजपा के जनरल सेक्रेट्री कुलजीत सिंह चहल ने भी इस तस्वीर को मिलते-जुलते दावे के साथ ट्विटर पर शेयर किया, हालांकि बाद में उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया. अश्विनी उपाध्याय, संजय दीक्षित और कुलजीत सिंह चहल के पोस्ट्स के आर्काइव्ड वर्जन यहां, यहां और यहां देखे जा सकते हैं. खबर लिखे जाने तक संजय दीक्षित के पोस्ट को तकरीबन 2000 लोग रीट्वीट कर चुके थे.

दावे की पड़ताल

हमने पाया कि वायरल तस्वीर कटरा बाजार, सागर, मध्य प्रदेश की है. रिवर्स सर्च करने पर यह तस्वीर हमें ‘दैनिक भास्कर’ की एक माह पुरानी न्यूज रिपोर्ट में मिली. खबर के साथ फोटोग्राफर टोनू निर्मल को क्रेडिट दिया गया है.

हमने टोनू निर्मल से संपर्क किया जिन्होंने इस बात की पुष्टि की कि यह तस्वीर सागर के कटरा बाजार की ही है. उन्होंने बताया, “यह तस्वीर मैंने बक़रीद के मौके पर ड्रोन कैमरे से खींची थी, जिसे दैनिक भास्कर ने भी छापा था. मैं सागर जिले में फोटोग्राफी स्टूडियो चलाता हूं और मीडिया संस्थानों के लिए भी कॉन्ट्रिब्यूट करता हूं.”  

हमने कीवर्ड सर्च की मदद से कटरा बाजार, सागर की विभिन्न मस्जिदों की तस्वीरों को खंगाला तो हमें पता चला कि यहां की ‘जामा मस्जिद’ वायरल तस्वीर में दिख रही मस्जिद से एकदम मेल खाती है.

गूगल अर्थ की मदद से यह बात समझी जा सकती है. गूगल अर्थ से ली गई ‘जामा मस्जिद’ की तस्वीर नीचे है,​जिसमें देखा जा सकता है कि यह भी वायरल तस्वीर वाली मस्जिद की तरह ही घनी आबादी वाले इलाके में एक चौराहे पर बनी है.

हमने गूगल मैप्स पर मौजूद ‘जामा मस्जिद’ की तस्वीरों से भी वायरल तस्वीर की तुलना की. हमें दोनों में कई समानताएं नजर आईं.

हाल ही छपी ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खब में एक आरटीआई के हवाले से बताया गया है कि जनवरी 2016 से लेकर जुलाई 2019 तक बीएमसी के पास अवैध निर्माण से जुड़ी 94000 शिकायतें आईं. बीएमसी ने इनमें से सिर्फ 5400 यानी 10.47 प्रतिशत शिकायतों पर ही एक्शन लिया है. जाहिर है कि मुंबई में बड़ी संख्या में अवैध इमारतें मौजूद हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर मुंबई की नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की है.

 

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

मस्जिद की एक तस्वीर जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसका निर्माण अवैध होने के बावजूद बीएमसी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की.

निष्कर्ष

वायरल तस्वीर मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित ‘जामा मस्जिद’ की है. हालांकि, यह सच है कि मुंबई में ऐसी अवैध इमारतों की बड़ी संख्या है जिन पर लंबे समय से बीएमसी ने कोई कार्रवाई नहीं की है.

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जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

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