कश्मीर में अनुच्छेद 370 निरस्त किये जाने के बाद से ही पाकिस्तान फर्जी खबरें फैलाने में जुटा हुआ है. आम पाकिस्तानियों के साथ साथ कई राजनेता भी इस काम में जुटे हुए हैं. पाक के समुद्री मामलों के मंत्री अली हैदर जैदी ने 18 अगस्त 2019 को एक वीडियो इस दावे के साथ ट्वीट किया कि कश्मीर में महिलाओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है. मंत्री अली हैदर जैदी ने लिखा “पूरी दुनिया को दिखना चाहिए कि कश्मीर में नरेंद्र मोदी सरकार क्या कर रही है. जब सारी दुनिया सो रही है तो उत्तर का हिटलर पैदा हो गया है. डोनॉल्ड ट्रंप को तुरंत भारत पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा देने चाहिए इससे पहले कि इस दरिंदे को रोकना मुश्किल हो जाए. #SaveKashmirFromModi #IndianHitlerModi”
Let the world see what Govt is doing in
The from the East rises while the world sleeps. should consider imposing trade sanctions on India to control this monster before it’s too late!
— Ali Haider Zaidi (@AliHZaidiPTI)Advertisement
इस ट्वीट को खबर लिखे जाने तक 6300 लोगों ने लाइक किया और करीब 5 हजार लोगों ने रिट्वीट किया. ट्वीट का आर्काइव देखा जा सकता है.
सच्चाई क्या है?
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि ये दावा पूरी तरह झूठा है. ये घटना दो साल पुरानी है और ये कश्मीर की नहीं बल्कि हरियाणा की है. सोशल मीडिया पर ये वीडियो 2017 से मौजूद है जिससे साफ है कि इस वीडियो का कश्मीर की मौजूदा घटना से कोई लेना देना नहीं है.
वीडियो की पड़ताल
पाकिस्तानी मंत्री अली हैदर जैदी ने जो वीडियो पोस्ट किया है वो करीब 1 मिनट 53 सेकेंड लंबा है. इस में पुलिसवाले पुरूष और महिलाओं पर लाठीचार्ज कर रहे हैं. वीडियो में 1 मिनट 14 सेकेंड पर एक बच्चे के साथ एक जख्मी महिला दिख रही है उसके बगल में एक और बुजुर्ग महिला लेटी है. महिला के रोने की आवाज आ रही है जिसमें वो महिला लोगों से इस वीडियो को शेयर करने की अपील कर रही है, महिला चाहती है कि उसकी आवाज प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचे और दोषियों को सजा मिले.
वीडियो का फर्जीवाड़ा
Video from Haryana's Ram Rahim protests being claimed to be from Kashmir. Imposing false audio in Kashmiri language doesn't make it genuine. Request to suspend the account of fake news peddler. Inaction will create disturbances. One has be to accountable.
— Kashyap Kadagattur 🇮🇳 (@iamkash_kr)
बेंगलुरू में तैनात सीआरपीएफ के अफसर कश्यप कडागट्टुर ने पाक मंत्री को जवाब में लिखा कि ये कश्मीर का वीडियो नहीं है. उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा के मानने वालों की है.
अखबारों में छपी खबर से कांड की पुष्टि होती है.
दरअसल डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम जब रेप के आरोप में दोषी साबित हो गए तो उनके समर्थकों ने हरियाणा के पंचकूला में कोहराम मचा दिया था
हमें इस घटना से जुड़े तमाम वीडियो यूट्यूब पर मिले “ ”
“”
अगस्त 2017 में ही कई और यूट्यूब चैनलों ने डेरा समर्थकों पर लाठीचार्ज की खबरें पोस्ट की थीं. हालांकि महिला के रोने की आवाज इन वीडियो में नहीं थी जिससे साफ है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है. वीडियो की तस्वीरों को नीचे देखा जा सकता है
वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर
2017 के यूट्यूब वीडियो की तस्वीर
वीडियो की शुरुआत में ही एक लाल कार देखी जा सकती है जिसका नंबर सीएच से शुरु होता है जिससे ये साबित होता है कि ये कार चंडीगढ़ की है. हालांकि सिर्फ कार के आधार पर लोकेशन नहीं बताई जा सकती फिर भी कई और ऐसे सबूत हैं जो ये साबित करते हैं कि वीडियो राम रहीम समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज का ही है.

वीडियो के दूसरे में हिस्से में घायल महिला, बच्चा और दूसरी महिला भी एक पुराने वीडियो से लिये गए हैं जिसका इस वाकये से कोई लेना देना नहीं है.
स्थानीय तेलुगु चैनल “” और के मुताबिक तेलंगाना में एक सब इंस्पेक्टर ने अपनी पत्नी और सास को पीटता कैमरे पर पकड़ा गया था जब उसे ये पता चला कि उसकी पत्नी के किसी से अवैध संबंध हैं .
निष्कर्ष
साफ है कि पाकिस्तानी मंत्री अली हैदर जैदी ने जो वीडियो पोस्ट किया वो न सिर्फ झूठा है बल्कि दो घटनाओं को मिलाकर इसे तैयार किया गया है और इसका कश्मीर से कोई लेना देना नहीं है.