दिल्ली हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा 42 पहुंच चुका है. हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है जिसमें एक पुलिसकर्मी सुरक्षा जैकेट और हैलमेट पहने पत्थर फेंकता हुआ दिख रहा है. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली पुलिस का एक जवान है जो दंगाइयों के साथ पत्थर फेंक रहा है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. तस्वीर दिल्ली की नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ की है.
ओवैसी फैन पेज नाम के एक फेसबुक पेज ने इस तस्वीर को पोस्ट किया है और कैप्शन में लिखा है- "दंगाईयो के साथ दिल्ली पुलिस फुल एक्शन में". पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
ट्विटर पर भी यह तस्वीर भ्रामक दावे के साथ वायरल है.
वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें यह तस्वीर Getty Images की वेबसाइट पर मिली. Getty Images के मुताबिक यह तस्वीर 19 दिसंबर 2019 को लखनऊ में ली गई थी. इस समय लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसा भड़क उठी थी और कई जगह पर पुलिस का प्रदर्शनकारियों के साथ टकराव हुआ था.
यह तस्वीर हमें Scroll के एक आर्टिकल में भी मिली. इस आर्टिकल में भी तस्वीर को लखनऊ का बताया गया है.
ये बात भी सच है कि दिल्ली हिंसा में भी पुलिस का दंगाइयों और प्रदर्शकारियों के साथ टकराव हुआ, लेकिन ये तस्वीर दिल्ली की नहीं बल्कि लखनऊ की है.