
भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर मौजूद सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया के सबसे दुर्गम युद्ध क्षेत्रों में से एक माना जाता है. इस इलाके में सेना की तैनाती के दौरान दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं. ऐसे में इसी इलाके का बताते हुए सोशल मीडिया पर दुर्घटनाग्रस्त सेना के वाहनों की तस्वीरों का एक कोलाज वायरल हो गया है. इसके साथ कुछ लोग कह रहे हैं कि लद्दाख से सियाचिन जाते हुए भारतीय सेना के छह जवानों की मौत हो गई है.
एक फेसबुक यूजर ने इस कोलाज को शेयर करते हुए लिखा, 'जम्मू-कश्मीर से दुखद ख़बर है. सुबह के वक्त लद्दाख से सियाचिन ग्लेशियर के लिए जाते हुए भारतीय सेना के कॉन्वॉय के तीन वाहन भारी भूस्खलन की चपेट में आ गए, जिसमें सेना के 6 जवान शहीद हो गए. वीर जवानों को कोटि कोटि नमन !! घायल जवानों की भगवान रक्षा करें भावपूर्ण श्रद्धांजलि वीर सपूतों को.'

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि इस महीने यानी अक्टूबर में सियाचिन के इलाके में ऐसी कोई दुर्घटना नहीं हुई है, जिसमें सेना के छह जवानों की मौत हुई हो.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीवर्ड सर्च के जरिए हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जो इस वायरल पोस्ट की तस्दीक करती हो.
हमने भारतीय सेना के प्रवक्ता कर्नल सुधीर चमोली से संपर्क किया. उन्होंने वायरल पोस्ट को ‘फेक न्यूज’ करार देते हुए बताया कि हाल-फिलहाल में लद्दाख-सियाचिन इलाके में भारतीय सेना के काफिले के दुर्घटनाग्रस्त होने और छह जवानों की मौत होने जैसी कोई घटना नहीं हुई है.
खोजने पर वायरल हो रहे तस्वीरों के कोलाज की पहली तस्वीर हमें ‘ईस्ट मोजो’ की वेबसाइट पर मिली. 18 अक्टूबर, 2019 को लिखी गई इस खबर के मुताबिक इस तस्वीर में दिख रहा सेना का ये ट्रक अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था जिसमें सेना के एक जवान की मौत हुई थी.

वायरल पोस्ट की दूसरी तस्वीर को रिवर्च सर्च करने पर ये हमें ‘ग्रेटर कश्मीर’ की वेबसाइट पर मिली.

19 सितंबर, 2020 की इस खबर के मुताबिक जम्मू और कश्मीर के अवंतीपुरा इलाके में सेना का एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था जिसमे दो जवान घायल हुए थे.
यानी न तो लद्दाख में इस साल अक्टूबर के महीने में ऐसी कोई घटना हुई है और न ही वायरल पोस्ट में दिख रही तस्वीरें इस साल की हैं.
इससे पहले लद्दाख में इसी साल मई के महीने में सेना की एक बस श्योपुर नदी में गिरी थी जिसमें सात जवानों की जान चली गई थी. इस बस में मौजूद जवान कारगिल इलाके में एक सब-सेक्टर की ओर जा रहे थे.