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फैक्ट चेक: जिसे बताया जा रहा इंसानी कोशिका की असली तस्वीर, वो है Animal Cell का इलस्ट्रेशन

दावा किया जा रहा है कि अब तक के इतिहास में पहली बार इंसानी कोशिका की इतनी स्पष्ट फोटो आई है. कई अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लेना पड़ा, तब जाकर ऐसी फोटो आ पाई है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये असली इंसानी कोशिका की फोटो है जिसे अत्याधुनिक तकनीक की मदद से क्लिक किया गया है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये एक जानवर की कोशिका की कलाकृति है, न कि इंसानी कोशिका की असली फोटो. इसे रसेल नाइटली नामक साइंस इलस्ट्रेटर ने बनाया है.

अंडाकार आकृति की एक अद्भुत फोटो शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि ये इंसानी कोशिका की असली तस्वीर है. इसके साथ ये भी दावा किया जा रहा है कि अब तक के इतिहास में पहली बार इंसानी कोशिका की इतनी स्पष्ट फोटो आई है. कई अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लेना पड़ा, तब जाकर ऐसी फोटो आ पाई है.

एक फेसबुक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “इंसानी कोशिका की अब तक की सबसे विस्तृत फोटो. इतनी स्पष्ट फोटो खींचने के लिए एक्सरे रेडिऐशन, न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस और क्रायोइलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की मदद लेनी पड़ी.”


 
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि ये वायरल फोटो रसेल नाइटली नामक साइंस इलस्ट्रेटर की बनाई हुई पशु कोशिका की कलाकृति है. ये असली इंसानी कोशिका की फोटो नहीं है.

ये तस्वीर फेसबुक और ट्विटर दोनों जगह वायरल है.
 
क्या है सच्चाई

रिवर्स सर्च करने पर वायरल तस्वीर हमें ‘फाइन आर्ट अमेरिका’ नाम की फोटो वेबसाइट पर मिली. इस वेबसाइट पर कलाकार अपनी कलाकृतियां बेच सकते हैं. यहां इस फोटो के साथ लिखा है कि ये रसेल नाइटली का बनाया हुआ कटअवे आर्टवर्क है जिसमें जानवर की कोशिका को दर्शाया गया है.

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इसी तरह ‘एजफोटोस्टॉक’ नाम की वेबसाइट में भी इस फोटो को पशु कोशिका का कटअवे आर्टवर्क बताया गया है.

रसेल नाइटली की आधिकारिक वेबसाइट में पशु कोशिका की इस कलाकृति के अलग-अलग हिस्सों, जैसे न्यूक्लियस, लाइजोसोम और सेल मेम्बरेन को दर्शाया गया है. यहां भी स्पष्ट तौर पर लिखा है कि ये पशु कोशिका का एक इलस्ट्रेशन है.

स्पष्ट है कि पशु कोशिका की एक कलाकृति को असली इंसानी कोशिका की फोटो बताते हुए भ्रम फैलाया जा रहा है.  

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