
भारतीय सेना लद्दाख में जब चीनी घुसपैठ का डटकर मुकाबला कर रही है, ऐसे में क्या भारतीय सेना को अपने ही एक वरिष्ठ अधिकारी को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार करना पड़ा है?
सोशल मीडिया पर वायरल एक दावे में यही कहा जा रहा है. वायरल पोस्ट में लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह की तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा है, “भारतीय सेना के सिख लेफ्टिनेंट जनरल तरन जीत सिंह को मोदी सरकार के खिलाफ राजद्रोह करने की वजह से गिरफ्तार कर लिया गया है. यह भारतीय सेना के पतन की शुरुआत है. अब खलिस्तान अभियान और तेज होगा. बधाई!”

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह दावा पूरी तरह से गलत है. भारतीय सेना ने भी एक बयान के जरिये इसका खंडन किया है.
यह दावा ट्विटर पर काफी वायरल है. विशेष रूप से, पाकिस्तान के कई लोग इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं.
दावे की पड़ताल
लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह को मोदी सरकार के खिलाफ राजद्रोह के चलते गिरफ्तार किए जाने की अफवाह को रक्षा मंत्रालय ने पूरी तरह से खारिज किया है. 1 अक्टूबर, 2020 को रक्षा मंत्रालय ने, सूचना विभाग की वेबसाइट पर बयान जारी किया- “पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान द्वारा भारतीय सेना के खिलाफ और विशेष रूप से सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) में तैनात वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह के खिलाफ राज्य प्रायोजित दुर्भावनापूर्ण सोशल मीडिया अभियान चलाया गया. देश के भीतर धर्म आधारित असहमति को भड़काने में लगातार असफल होने के बाद पाकिस्तान हताश है. अब वह भारतीय सेना के भीतर विभाजन की कोशिश कर रहा है. भारतीय सेना संस्थान को बदनाम करने के ऐसे कुत्सित प्रयासों को स्पष्ट रूप से खारिज करती है. भारतीय सेना एक धर्मनिरपेक्ष संगठन है, और इसके सभी अधिकारी, सैनिक अपने धर्म, जाति, पंथ या लिंग का ख्याल किए बिना राष्ट्र की सेवा करते हैं.”
भारतीय सेना ने अपने ट्विटर हैंडल पर पंजाबी भाषा में किए जा रहे इसी दावे का एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए इसका खंडन किया था. इस पोस्ट का हिंदी अनुवाद है, “भारतीय सुरक्षा एजेंसी रॉ ने लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह को वर्तमान सरकार की नीतियों का विरोध करने के चलते गिरफ्तार कर लिया है.”
अफवाहों से बचें
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) September 27, 2020
Do not fall for such #Fake and malicious messages circulated on #SocialMedia. pic.twitter.com/554LewE48P
लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह ने 1 अक्टूबर, 2020 को बतौर डिप्टी चीफ आईडीएस ऑपरेशंस एक बयान भी दिया जिसे एएनआई न्यूज एजेंसी ने अपनी ट्विटर वॉल पर शेयर किया- “पिछले नौ महीनों में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति के बाद से हम सेना की तीनों सेवाओं में ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक्स, प्रशिक्षण आदि क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करने की दिशा में कई कदम आगे बढ़े हैं.”
Secretary of Department of Military Affairs (DMA) & CDS are working in close corporation with the three service headquarters. Efforts are underway for the restructuring of the forces for optimum utilisation of resources: Lt General Taranjit Singh, Deputy Chief IDS (Operations) https://t.co/fVCxswoA5w
— ANI (@ANI) October 1, 2020
साफ है कि राजद्रोह के चलते लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह की गिरफ्तारी की खबर सिर्फ एक अफवाह है.