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फैक्ट चेक: मॉब लिंचिंग के विरोध में सूरत में प्रदर्शन, वीडियो मुंबई का बताकर वायरल

सोशल मीडिया पर एक हंगामे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके साथ ये दावा किया जा रहा है कि बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स (बीकेसी) के दबंग ऑटोरिक्शा चालकों ने नए बस रूट के शुरू होने पर बखेड़ा खड़ा कर दिया.

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर

क्या मुंबई की बसों में तोड़-फोड़ की कोई घटना हुई है? दरअसल, सोशल मीडिया पर एक हंगामे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके साथ ये दावा किया जा रहा है कि बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स (बीकेसी) के दबंग ऑटोरिक्शा चालकों ने नए बस रूट के शुरू होने पर बखेड़ा खड़ा कर दिया.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वार रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि  ये वीडियो पिछले हफ्ते सूरत में हुए हंगामे का है. इसका मुंबई से कुछ लेना देना नहीं है.

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फेसबुक यूज़र नीलेश देढ़िया ने 12 जुलाई को एक वीडियो अपलोड कर दावा किया कि मुंबई के बांद्रा स्टेशन से बीकेसी के बीच नई बस सेवा शुरू होने से नाराज़, मुसलमान ऑटोरिक्शा चालकों ने बसों को तोड़ा. इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्ज़न यहां देखा जा सकता है.

इसी तरह ट्विटर पर भी इन्हीं दावों के साथ ये वीडियो और पोस्ट दिखीं , जिनमें लिखा था कि वीडियो बांद्रा के बीकेसी इलाके का है. व्हाट्सएप पर भी इन्हीं दावों के साथ वीडियो को शेयर किया गया है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वार रूम ने वीडियो को ध्यान से देखा तो पाया कि जिन नीले रंग की बसों पर पथराव हो रहा है, उन पर अंग्रेज़ी में “सिटीलिंक” लिखा हुआ है. इंटरनेट पर “सिटीलिंक” टाइप करने से सूरत नगर निगम  की कई वेबसाइट सामने आती हैं. दरअसल, सिटीलिंक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सूरत के नगर निगम की परिवहन परियोजना है और ये बसें सूरत में ही चलती हैं.

इसके बाद हमने इंटरनेट पर ढूंढा कि कहीं सूरत में किसी तरह के हंगामे की खबर छपी है तो हमें 5 जुलाई को यहां तोड़-फोड़ की घटना की खबरें मिलीं. जून में झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में चोरी के शक में भीड़ के हमले का शिकार हुए तबरेज अंसारी की हत्या के बाद, देश के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए थे. इसी सिलसिले में सूरत में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था. लेकिन 5 जुलाई को वहां इकट्ठा हुई भीड़ बेकाबू हो गई. ये पूरा हादसा सूरत के नानपुरा इलाके के स्वामी विवेकानन्द सर्कल पर हुआ और इसके बारे में यहां पढ़ा जा सकता है. वायरल वीडियो में जिन बसों पर पथराव किया जा रहा है, वही बसें, सूरत की उस दिन की इस खबर में देखी जा सकती हैं.

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इसके अलावा वायरल वीडियो में जो भीड़ के पीछे होर्डिंग लगी है जिसपर “शाह” लिखा हुआ है, वही होर्डिंग इंस्टैंट स्ट्रीट व्यू में स्वामी विवेकानन्द सर्कल, सूरत के वीडियो में भी देखी जा सकती है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वार रूम ने इंटरनेट पर ऐसी किसी घटना के मुंबई में होने के बारे में भी ढूंढा, लेकिन ऐसी कोई खबर सामने नही आई.

फैक्ट चेक

व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर यूजर

दावा

मुंबई के बीकेसी इलाके में बसों में की गई तोड़-फोड़

निष्कर्ष

वायरल हो रहा वीडियो सूरत का है. मुंबई में ऐसी कोई घटना नही हुई.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर यूजर
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