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गहलोत का केंद्र पर आरोप- कोरोना से जंग में कन्फ्यूजन पैदा कर रहा गृह मंत्रालय

ई-एजेंडा 'आजतक' के सत्र लॉकडाउन 2.0 के आगे क्या है? में बोलते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन लगाना आसान है, लेकिन उससे बाहर निकलना मुश्किल. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में केंद्रीय गृहमंत्रालय कन्फ्यूजन पैदा कर रहा है, जिसकी वजह से राज्यों को दिक्कतें आ रही हैं.

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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (फोटो-PTI) राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (फोटो-PTI)

  • गहलोत ने कहा- लॉकडाउन लगाना आसान है,लेकिन खोलना मुश्किल
  • कोरोना मामले पर गृहमंत्रालय लिखित के बजाए मौखिक आदेश दे रहा

ई-एजेंडा 'आजतक' के सत्र लॉकडाउन 2.0 के आगे क्या है? में बोलते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन लगाना आसान है, लेकिन उससे बाहर निकलना मुश्किल. गहलोत ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में केंद्रीय गृहमंत्रालय कन्फ्यूजन पैदा कर रहा है, जिसकी वजह से राज्यों को काफी दिक्कतें आ रही हैं.

गहलोत ने कहा कि केंद्रीय गृहसचिव जब भी राज्यों से बात करते हैं तो मौखिक तौर पर आदेश देते हैं, जिसकी वजह से राज्यों को दिक्कतें होती हैं. मजदूरों को छोड़ने के लिए चाहे बस चलाने का मामला रहा हो या फिर कोटा से छात्रों को ले जाने का, ऐसा दिखने को मिला है. गहलोत ने कहा कि, केंद्रीय गृहमंत्रालय ने राजस्थान सरकार से कहा कि मजदूरों को उत्तर प्रदेश जाने दिया जाए, जिसके बाद हमने उत्तर प्रदेश के गृहसचिव से बात की लेकिन उन्होंने कहा कि हमें लिखित आदेश नहीं मिला, जिसके बाद बसें रुक गईं. कोटा के छात्रों को छोड़ने के मामले में भी केंद्रीय गृहमंत्रालय ने मौखिक तौर पर ही आदेश दिया. इसी के वजह से राज्यों में कन्फ्यूजन पैदा हो रहा है.

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राजस्थान के सीएम ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्रालय की सभी गाइडलाइंस मौखिक तौर पर दी जा रही हैं. ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री से कहना चाहूंगा कि कृपा करके आप लिखित में गाइडलाइन जारी करवाएं. अपने अनुभव में पहली बार देख रहा हूं कि गृहमंत्रालय मौखिक तौर पर आदेश दे रहा है, लेकिन लिखित में आदेश नहीं दे रहा है. गृह मंत्रालय कोई क्राइम कर रहा है क्या जो लिखित में आदेश नहीं दे रहा है. बसें जाएंगी, ट्रेनें चलेंगी या नहीं कोई भी आदेश लिखित और सेंट्रलाइज तौर पर होना चाहिए.

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अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ भी जब हमारी बात हुई थी तब हमने कहा था कि मेडिकल इक्विपमेंट का काम सेंट्रलाइज होना चाहिए और आपातकाल में मिलने वाली सुविधाओं की छूट भी सेंट्रलाइज होनी चाहिए. इससे राज्य समानरूप से मेडिकल इक्विपमेंट हासिल कर सकेंगे और किसी को चीन और कोरिया जाकर खरीदने के लिए प्रतियोगिता नहीं करनी होगी. इसके अलावा इक्विपमेंट अच्छे मिलेंगे और राज्यों को आवश्यकतानुसार मिल सकेंगे.

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लॉकडाउन खोलने के सवाल पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन लगाना आसान है, लेकिन खोलना मुश्किल है. देश में लॉकडाउन फेज वाइज और धीरे-धीरे खोलना होगा. इस संबंध में पीएम के साथ अब जब 27 अप्रैल को बात होगी तो मैं वहां पर अपनी बात रखूंगा. इसके अलावा उन्होंने आवासीय इलाके में दुकानों के खोलने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है. गहलोत ने कहा कि लोग काफी समझदार हैं और सामाजिक दूरी बनाकर रख रहे हैं. इसके अलावा हमने सभी कि लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर रखा है, जिसके नया माहौल पैदा हो रहा है.

गहलोत ने कहा कि केंद्र के सहयोग के बिना राज्य काम नहीं कर सकते. देश में हर राज्य की भौगोलिक स्थिति अलग है. यहां सवाल केंद्र का आदेश मानने का नहीं है यहां सवाल लोगों की जान बचाने का है.

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