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संघर्ष से सफलता की कहानी, आयुष्मान ने कविता के जरिए कही ये बात

संघर्ष से सफलता की कहानी, आयुष्मान ने कविता के जरिए कही ये बात

आयुष्मान खुराना बॉलीवुड में अपनी एक खास जगह बनाने में कामयाबी हासिल कर चुके हैं. आयुष्मान आज किसी बड़े स्टार से कम नहीं हैं. एक के बाद एक सुपरहिट फिल्म देकर आयुष्मान ने साबित कर दिया कि सिनेमाजगत को एक नया सितारा मिल गया है. आज भले ही ये सितारा अपनी बुलंदी पर है लेकिन इन्होंने अपने संघर्ष वाले दिनों को भूलाया नही है. 14 सितम्बर 1984 को चंडीगढ़ में आयुष्मान खुराना का जन्म हुआ. उनका नाम पहले निशांत रखा गया था जिसे बाद में बदलकर आयुष्मान कर दिया गया. बता दें कि आयुष्मान और उनकी पत्नी ताहिरा की मुलाकात एक कोचिंग क्लासेस में हुई थी. आयुष्मान और ताहिरा की लव स्टोरी भी बहुत इंटरस्टिंग थी. आयुष्मान शुरू से ही टैलेंट और क्रिएटिव थे. उन्हें एक्टिंग का बड़ा शोक था. पापा की शर्त की वजह से उन्होंने एक्टिंग छोड़ पहले ग्रेजुएशन में टॉप किया फिर थिएटर करना शुरू कर दिया. पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद आयुष्मान मुंबई आ गए और यहां से उनका संघर्ष शुरु हो गया. पहली जॉब उन्होंने RJ बनकर एक रेडियो में स्टार्ट की. करियर की बात की जाए फिल्म विक्की डोनर में पहला बिग ब्रेक मिलने के बाद आयुष्मान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने पानी दा रंग जैसा हिट सांग भी गाया है, जिससे उन्हें खूब प्रशंसा मिली. इसके बाद आयुष्मान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो कामयाबी की सीढ़ी चढ़ते गए. 

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